facebookmetapixel
Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्ट

बैंकों व गैर-बैंक इकाइयों के लिए विशेष इंटरनेट डोमेन

विशेष बैंकिंग डोमेन पेश करने का आरबीआई का कदम फिशिंग हमलों जैसे साइबर सुरक्षा खतरों को रोकने की जरूरत के कारण उठाया जा रहा है।

Last Updated- February 08, 2025 | 11:47 AM IST
RBI

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) बैंकिंग और गैर-बैंकिंग संस्थाओं समेत वित्तीय क्षेत्र के प्रतिभागियों के लिए विशेष इंटरनेट डोमेन पेश कर रहा है। भारतीय बैंकों के पास ‘बैंक डॉट इन’ डोमेन होगा, जबकि गैर-बैंक संस्थाओं के पास ‘फिन डॉट इन’ डोमेन होगा। इसके लिए पंजीकरण इस साल अप्रैल से शुरू होंगे।

विशेष बैंकिंग डोमेन पेश करने का आरबीआई का कदम फिशिंग हमलों जैसे साइबर सुरक्षा खतरों को रोकने की जरूरत के कारण उठाया जा रहा है।

आरबीआई ने एक बयान में कहा, इस पहल का मकसद साइबर सुरक्षा के खतरों और फिशिंग जैसी दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों को कम करना है। साथ ही सुरक्षित वित्तीय सेवाओं को सुव्यवस्थित करना भी मकसद है ताकि डिजिटल बैंकिंग और भुगतान सेवाओं में विश्वास बढ़े।

इंस्टिट्यूट फॉर डेवलपमेंट ऐंड रिसर्च इन बैंकिंग टेक्नोलॉजी (आईडीआरबीटी) विशेष रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करेगा।

सरकारी प्रतिभूतियों में फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट

ब्याज दर के जोखिम के प्रबंधन की खातिर बाजार के प्रतिभागियों को इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव वाले प्रॉडक्ट्स के दायरे का विस्तार करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट शुरू किया जाएगा। यह लंबी अवधि के निवेशकों मसलन बीमा फंडों को विभिन्न चक्रों में ब्याज दर को लेकर जोखिम के प्रबंधन में मदद के लिए लाया जा रहा है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ये बातें कही।

First Published - February 8, 2025 | 11:41 AM IST

संबंधित पोस्ट