facebookmetapixel
बजट में ग्रोथ को गति देने को निवेश पर जोर, घाटे का लक्ष्य बताता है सरकार की प्राथमिकता: सीतारमणSTT बढ़ने से Arbitrage Funds का रिटर्न कितना घटेगा? Edelweiss MF ने लगाया अनुमान; देखें कैलकुलेशनFPIs ने भारतीय बाजार से जनवरी में निकाले ₹36,000 करोड़, STT बढ़ोतरी से आगे भी दबाव की आशंकाBudget 2026: इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए ₹40,000 करोड़ का फंड, सेमीकंडक्टर हब बनेगा भारतGold-Silver Price Crash: चांदी 4 दिन में ₹2 लाख तक टूटी! सोना भी 24% फिसला; आगे क्या फिर चमकेगा?₹400 के पार जाएगा NTPC? तीन ब्रोकरेज ने दी BUY की सलाहडिविडेंड और म्युचुअल फंड इनकम पर ब्याज कटौती खत्म, कैसे बढ़ेगा आपका टैक्स बोझ? ₹1 लाख के कैलकुलेशन से समझेंसरकार की रणनीति समझिए, बजट में छिपा है बड़ा संदेशक्या प्रदूषण से हो रही मौतों को स्वीकार करने से बच रही सरकार? दो सरकारी विभागों में ही इसपर बड़ा विरोधाभासBank Stocks: SBI, BOB, Indian Bank क्यों टूटे? 2 दिन में 8% की बड़ी गिरावट

5 साल में 4 गुना बढ़ी बैंक धोखाधड़ी की संख्या, लेकिन रकम में आई कमी: RBI Annual Report

निजी बैंकों में धोखाधड़ी की संख्या सरकारी बैंकों की तुलना में तीन गुना से ज्यादा है, उसके बावजूद सरकारी बैंकों में धनराशि के हिसाब से ज्यादा धोखाधड़़ी हुई है।

Last Updated- May 30, 2024 | 10:30 PM IST
Bank fraud

बैंकिंग सेक्टर में धोखाधड़ी की संख्या पिछले 5 साल के दौरान 4 गुना बढ़ी है, लेकिन धोखाधड़ी की राशि उल्लेखनीय रूप से घटकर करीब 14,000 करोड़ रुपये रह गई है, जो वित्त वर्ष 2020 में 1.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक थी।

आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि पिछले तीन वर्षों में निजी क्षेत्र के बैंकों ने सबसे अधिक धोखाधड़ी की सूचना दी। जबकि,  सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने धोखाधड़ी की राशि में अधिकतम योगदान देना जारी रखा।

अगर धोखाधड़ी की संख्या की स्थिति देखें तो यह ज्यादातर डिजिटल भुगतान (कार्ड या इंटरनेट) में हुई है। यह वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर 29,082 हो गई, जो वित्त वर्ष 2020 में 2,677 थी।

मूल्य के हिसाब से देखें तो मुख्य रूप से ऋण पोर्टफोलियो में धोखाधड़ी हुई है, जिसकी राशि घटकर वित्त वर्ष 2024 में 11,772 करोड़ रुपये रह गई है, जो वित्त वर्ष 2020 में 1,81,942 करोड़ रुपये थी।

निजी बैंकों में धोखाधड़ी की संख्या सरकारी बैंकों की तुलना में तीन गुना से ज्यादा है, उसके बावजूद सरकारी बैंकों में धनराशि के हिसाब से ज्यादा धोखाधड़़ी हुई है।

First Published - May 30, 2024 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट