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तंगी झेल रहे MSME से रखें सहानुभूति: स्वामीनाथन जे

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एमएसएमई को मिलने वाली ऋण की समीक्षा के लिए स्थायी सलाहकार समिति (एसएसी) की 29वीं बैठक को स्वामीनाथन संबोधित कर रहे थे।

Last Updated- March 03, 2025 | 10:26 PM IST
RBI Deputy Governor Swaminathan J
भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे

भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने सोमवार को प्रमुख बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने ऋणदाताओं से कहा कि वे आर्थिक संकटों का सामना करने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के साथ सहानुभूति रखें। साथ ही उल्लेख किया कि एमएसएमई क्षेत्र के समक्ष रकम जुटाने में आने वाली चुनौतियों को कम करने के लिए ऋणदाताओं द्वारा डिजिटल समाधान, वैकल्पिक ऋण मूल्यांकन मॉडल और टीआरईडीएस जैसे प्लेटफॉर्मों में अधिक भागीदारी की जरूरत है। 

एमएसएमई को मिलने वाली ऋण की समीक्षा के लिए स्थायी सलाहकार समिति (एसएसी) की 29वीं बैठक को स्वामीनाथन संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र में देरी से भुगतान, सूचना विषमता और वित्तीय साक्षरता में कमी जैसी कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों को कम करने के लिए डिजिटल समाधान, वैकल्पिक ऋण मूल्यांकन मॉडल और टीआरईडीएस जैसे प्लेटफॉर्म की अधिक भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। 

उन्होंने उल्लेख किया कि रिजर्व बैंक यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई), अकाउंट एग्रीगेटर ढांचा और नियामकीय सैंडबॉक्स जैसी पहलों के जरिये एमएसएमई क्षेत्र को संस्थागत ऋण को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है।

हालिया आंकड़ों के मुताबिक, यूएलआई (ऋण देने के लिए यूपीआई जैसी रिजर्व बैंक की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना) के तहत एमएसएमई को 14,500 करोड़ रुपये के करीब 16,000 ऋण दिए गए हैं।

रिजर्व बैंक ने सोमवार को बयान जारी कर कहा, ‘बैठक में एसएसी ने एमएसएमई को ऋण के प्रवाह की समीक्षा की और क्षेत्र में ऋण अंतराल से संबंधित मुद्दों को हल करने के तरीकों, नकदी प्रवाह आधारित ऋण और बेहतर क्रेडिट लिंकेज के लिए डिजिटल समाधान, टीआरईडीएस को अपनाने में तेजी लाने, ऋण गारंटी योजनाओं के उपयोग को बढ़ाने और वित्तीय संकट में एमएसएमई के सक्रिय पुनरुद्धार समेत कई अन्य मसलों पर विचार-विमर्श किया है।’

बैठक में प्रमुख बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा रिजर्व बैंक कार्यकारी निदेशक, एमएसएमई मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। इसके अलावा, भारतीय बैंक संघ (आईबीए), वित्त उद्योग विकास परिषद (एफआईडीसी) और एमएसएमई संघों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के अध्यक्ष ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

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First Published - March 3, 2025 | 10:21 PM IST

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