facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

Trump Tariff: प्राकृतिक हीरा पॉलिशिंग उद्योग में हो सकती है 28-30% की गिरावट- CRISIL 

Advertisement

चालू वित्त वर्ष के पहले 4 महीनों में अमेरिका की हिस्सेदारी 35% से घटकर 24% रह गई है

Last Updated- August 28, 2025 | 7:27 PM IST
Diamond sector

अमेरिका द्वारा भारतीय हीरे के निर्यात पर 50% का भारी शुल्क लगाए जाने के बाद, भारत का प्राकृतिक हीरा पॉलिशिंग उद्योग चालू वित्त वर्ष (2025-26) में 28-30% की गिरावट के साथ केवल 12.5 अरब डॉलर के राजस्व तक सिमट सकता है। यह जानकारी क्रिसिल रेटिंग्स (CRISIL Ratings) की ताजा रिपोर्ट में दी गई है।

बुधवार से अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 25% शुल्क लागू कर दिया है। यह कदम रूस से तेल खरीदने पर भारत को दंडित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे पहले अप्रैल 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25% जवाबी शुल्क लगाया था। यानी कुल मिलाकर अब 50% शुल्क प्रभावी हो गया है।

क्रिसिल के मुताबिक, यह झटका उस समय आया है जब पिछले तीन वित्त वर्षों में हीरे के मूल्य और बिक्री में गिरावट के चलते हीरा पॉलिशिंग उद्योग में पहले ही लगभग 40% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। अमेरिका, चीन में मांग में कमी और लेबोरेटरी में बने हीरों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा से भारतीय उद्योग पर पहले से ही दबाव बना हुआ था।

उद्योग के सामने प्रमुख चुनौतियाँ:

  • हीरा पॉलिशिंग उद्योग के मार्जिन पहले से ही कम हैं, जिससे अतिरिक्त शुल्क का बोझ सहन करना कठिन है।
  • मांग में कमी के चलते शुल्क का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना भी मुश्किल हो गया है।
  • इससे ऑपरेटिंग मार्जिन 50-100 बेसिस प्वाइंट तक घट सकता है, जो अब 3.5-4% तक रह सकता है।

अप्रैल 2025 में 10% शुल्क लगने के बाद ही अमेरिका में प्राकृतिक हीरे के निर्यात में गिरावट शुरू हो गई थी। चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में अमेरिका की हिस्सेदारी 35% से घटकर 24% रह गई है। हालांकि, त्योहारों की मांग को देखते हुए हीरा पॉलिशिंग कंपनियों ने जुलाई और अगस्त में उत्पादन बढ़ा दिया था, जिससे जुलाई में निर्यात में 18% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज हुई थी। लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है, क्योंकि लेब-ग्रो हीरे ने अमेरिका में 60% बाजार हिस्सेदारी हासिल कर ली है। चीन की मांग भी कमजोर बनी हुई है।

Also Read | ट्रंप टैरिफ के बीच निर्यातकों को वित्त मंत्री का भरोसा, कहा- सरकार हर संभव मदद करेगी

रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही यूएई अब भारत का बड़ा निर्यात गंतव्य बनकर उभरा है (इसके हिस्से में अब 20% हिस्सेदारी है), लेकिन कुल राजस्व में गिरावट का जोखिम अभी भी अधिक है। क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार, उद्योग को इन तीन उपायों पर ध्यान देना होगा:

  1. घरेलू बाजार में बिक्री बढ़ाना 
  2. वैकल्पिक निर्यात बाजारों की तलाश
  3. व्यापारिक केंद्रों (जैसे यूएई) में पॉलिशिंग यूनिट लगाना, क्योंकि कम शुल्क वाले देशों के माध्यम से हीरों को दोबारा निर्यात करना व्यावहारिक विकल्प नहीं है।

क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार, ऑपरेशन का स्केल घटने और मुनाफे पर दबाव से उद्योग की क्रेडिट प्रोफाइल पर असर पड़ेगा। हालांकि बाहरी कर्ज पर कम निर्भरता के चलते पूंजी संरचना स्थिर है, लेकिन फाइनेंशियल लीवरेज 0.7-0.8 गुना रहने का अनुमान है। इंटरेस्ट कवरेज रेशियो घटकर 2 हो सकता है, जो पिछले साल 2.3-2.5 के बीच था।

“भारत विश्व के 95% हीरों की पॉलिशिंग करता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां 2007 के बाद से सबसे कम राजस्व स्तर पर ला सकती हैं,” क्रिसिल के सीनियर डायरेक्टर राहुल गुहा ने कहा। भविष्य में प्राकृतिक हीरों की वैश्विक मांग, भू-राजनीतिक स्थितियां, और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में शुल्क नीति — ये सभी फैक्टर भारतीय हीरा उद्योग के लिए निर्णायक साबित होंगे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - August 28, 2025 | 7:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement