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SBI का शेयर जाएगा ₹1,150 तक! बढ़िया नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने बनाया टॉप ‘BUY’ स्टॉक

सितंबर तिमाही में एसबीआई की कमाई, मुनाफा और ब्याज मार्जिन सब उम्मीद से बेहतर रहे। नुवामा ने कहा – बैंक के नतीजे बड़े बैंकों में सबसे मजबूत।

Last Updated- November 05, 2025 | 9:24 AM IST
State bank of India

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सितंबर तिमाही (Q2FY26) में बहुत अच्छे नतीजे दिखाए हैं। बैंक की कमाई और मुनाफा दोनों ही उम्मीद से ज्यादा रहे। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा है कि बड़े बैंकों में SBI का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। बैंक की ब्याज से होने वाली आमदनी (NII), चालू और बचत खाते (CASA) और फीस से कमाई- तीनों में अच्छी बढ़त हुई। SBI का शुद्ध मुनाफा (PAT) पिछले साल से 10% ज्यादा और पिछली तिमाही से 5% अधिक रहा। नुवामा ने SBI के शेयर को “BUY” यानी खरीदने की सलाह दी है और इसका टारगेट भाव ₹1,150 रखा है। अभी SBI का शेयर करीब ₹957 पर है। यानी, आगे चलकर इसमें लगभग 20% बढ़त की उम्मीद है।

क्या बैंक की ब्याज आय और मुनाफा मजबूत रहे?

एसबीआई की ब्याज से होने वाली कमाई यानी नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 2.97% हो गई, जो बाजार की उम्मीद से बेहतर रही। बैंक का कोर NIM भी थोड़ा बढ़ा। इसमें 5 बेसिस पॉइंट (यानी 0.05%) की बढ़ोतरी हुई। बैंक के लोन यानी दिए गए कर्ज में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। यह तिमाही के हिसाब से 4% और सालभर में 13% बढ़े। इसके साथ ही, बैंक की फीस से होने वाली कमाई में भी जबरदस्त इजाफा हुआ। यह तिमाही में 12% और सालाना 25% बढ़ी। सबसे खास बात यह रही कि बैंक के चालू खातों (CA) में 18% की सालाना बढ़ोतरी हुई, जो बाकी बैंकों के मुकाबले सबसे ज्यादा थी।

क्या लोन और डिपॉजिट में भी तेजी रही?

एसबीआई के कॉरपोरेट लोन यानी कंपनियों को दिए गए कर्ज में 7% सालाना और 3% तिमाही की बढ़ोतरी हुई है। बैंक के चेयरमैन ने बताया कि एसबीआई के पास करीब ₹7 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स की मजबूत लिस्ट (पाइपलाइन) है, जिसमें से लगभग आधे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है। रिटेल लोन यानी आम ग्राहकों को दिए गए कर्ज में भी अच्छी बढ़त रही। हाउसिंग लोन (घर के लिए कर्ज) में 4% और गोल्ड लोन में 14% की बढ़ोतरी हुई। छोटे कारोबारों के लिए दिए गए एसएमई लोन में भी 19% सालाना की वृद्धि दर्ज की गई।

डिपॉजिट यानी ग्राहकों की जमा राशि में भी बैंक ने स्थिर प्रदर्शन किया। यह 9% सालाना और 2% तिमाही बढ़ी। खास बात यह है कि एसबीआई का चालू खाता (CA) बढ़ने की दर बाकी बैंकों से कहीं ज्यादा रही। बैंक की यह सफलता उसकी खास रणनीति की वजह से है। एसबीआई नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए पहले छह महीने कैश मैनेजमेंट की सुविधा बिल्कुल मुफ्त देता है, जिससे ग्राहक लंबे समय तक बैंक से जुड़े रहते हैं।

इस तिमाही में एसबीआई को एक बड़ी एकमुश्त कमाई हुई। बैंक ने YES Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचकर करीब ₹4,600 करोड़ का मुनाफा कमाया। इस रकम को बैंक ने अपने नतीजों में विशेष आय (Exceptional Item) के रूप में दिखाया है। हालांकि, दूसरी ओर बैंक का परिचालन खर्च (Opex) भी काफी बढ़ गया। यह 12% सालाना और 13% तिमाही बढ़ा है। इसमें किराये, जीएसटी और मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी लागतों में तेज बढ़ोतरी शामिल रही। फिर भी, इन बढ़ते खर्चों के बावजूद एसबीआई का मुख्य परिचालन लाभ (PPOP) यानी बैंक का असली ऑपरेटिंग मुनाफा बढ़ा। यह 9% सालाना और 2% तिमाही बढ़कर बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत दिखाता है।

क्या एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ?

एसबीआई की परिसंपत्ति गुणवत्ता (Asset Quality) में इस तिमाही में और सुधार देखा गया है। इसका मतलब है कि बैंक के बैड लोन (NPA) कम हुए हैं और वसूली मजबूत हुई है। बैंक की स्लिपेज दर, यानी नए बैड लोन बनने की दर, 0.6% से घटकर 0.5% रह गई। वहीं, कुल ग्रॉस एनपीए (GNPA) घटकर 1.73% पर आ गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। इसके अलावा, बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) बढ़कर 75.8% हो गया है। इसका मतलब है कि बैंक ने अपने संभावित जोखिमों या बैड लोन से होने वाले नुकसान के लिए पहले से ही पर्याप्त सुरक्षा (प्रावधान) बना रखी है। यह दिखाता है कि एसबीआई की वित्तीय स्थिति अब और ज्यादा मजबूत हो चुकी है।

क्या आने वाले महीनों में और तेजी की उम्मीद है?

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि SBI का प्रदर्शन आने वाले महीनों में और बेहतर रहेगा। बैंक ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने लोन ग्रोथ का टारगेट 12–14% कर दिया है, जो पहले 12–13% था। इसका मतलब है कि बैंक अब और तेजी से कर्ज देने की तैयारी में है। बैंक के मैनेजमेंट को भरोसा है कि अगली दो तिमाहियों में उसका नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) यानी ब्याज से होने वाली कमाई 3% से ऊपर बनी रहेगी।

इसके अलावा, नुवामा का कहना है कि SBI एसेट मैनेजमेंट कंपनी (SBI AMC) और SBI जनरल इंश्योरेंस (SBI GI) की संभावित लिस्टिंग से बैंक को अतिरिक्त फायदा हो सकता है। इन कंपनियों के शेयर बाजार में आने से बैंक के मूल्य (valuation) में और बढ़ोतरी होगी और निवेशकों को भी इसका लाभ मिलेगा।

क्या निवेशकों के लिए यह अभी भी ‘BUY’ है?

नुवामा का कहना है कि SBI की मजबूत लोन ग्रोथ, बेहतरीन ब्याज मार्जिन (NIM) और एसेट क्वालिटी इसे देश के बड़े बैंकों में सबसे आकर्षक निवेश विकल्प बनाती हैं। बैंक ने न सिर्फ उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए हैं, बल्कि आने वाले समय में भी स्थिर और मज़बूत प्रदर्शन की पूरी संभावना है।

इसी वजह से ब्रोकरेज हाउस ने SBI को अपनी टॉप “BUY” कॉल के रूप में बनाए रखा है। नुवामा का मानना है कि आने वाले महीनों में SBI बैंकिंग सेक्टर का आउटपरफॉर्मर यानी अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन करने वाला बैंक साबित होगा।

(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जो​खिमों के अधीन है। निवेश संबंधित फैसले करने से पहले अपने एक्सपर्ट से परामर्श कर लें।)

First Published - November 5, 2025 | 9:15 AM IST

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