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राष्ट्रपति ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

Last Updated- December 11, 2022 | 9:31 PM IST

बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पाकिस्तान या चीन से जुड़े किसी भी संदर्भ की चर्चा किए बगैर सरकार की कोविड-19 से बचाव से जुड़े उपायों, टीकाकरण की सफलता, बुनियादी ढांचे में निवेश, पीएलआई योजना या जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के रिकॉर्ड संग्रह जैसी उपलब्धियां गिनाईं। दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रपति के संबोधन में उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं की सफलता और महिला समर्थक कदमों जैसे कि तीन तलाक को गैरकानूनी करार देने जैसे कदमों पर खासतौर पर तवज्जो दी गई, मानो जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं वहां के मतदाताओं को याद दिलाया जाए कि नरेंद्र मोदी सरकार को इन सभी उपलब्धियों के लिए श्रेय दिया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति का संबोधन एक ऐसा अभिभाषण होता है जिसमें बिंदुओं का संकलन सरकार करती है। इस अभिभाषण में परंपरागत रूप से वे सभी बातें शामिल होती हैं जिन्हें सरकार ने पिछले एक साल में हासिल किया होता है और राष्ट्रपति नए साल में संसद में पहले दिन इन्हीं बातों का जिक्र करते हैं। राष्ट्रपति ने अग्रिम पंक्ति के सभी स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई दी और कहा कि उनकी कोशिशों की वजह से ही देश के 90 प्रतिशत वयस्क नागरिकों को टीके की पहली खुराक और इस वर्ग की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी को टीके की दोनों खुराक दी गई है।
उनका कहना है कि अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा बीमा योजनाओं, केंद्र की सब्सिडी वाली दवाओं की वजह से कम आमदनी समूह वाले परिवारों को मदद मिली है। आपातकालीन इस्तेमाल के लिए 8 टीकों  को मंजूरी दी गई और भारत में बनाए जा रहे तीन टीकों को भी आपातकालीन इस्तेमाल के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से मंजूरी मिली है।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘कई बड़े देशों में कोरोना संकट के दौरान खाद्यान्नों की कमी और भुखमरी की स्थिति का सामना करना पड़ा। लेकिन मेरी संवेदनशील सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि 100 सालों में सबसे भयावह महामारी के दौरान कोई भी भूखा न रहे। मेरी सरकार हर महीने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रत्येक गरीब परिवार को मुफ्त राशन दे रही है। यह करीब 2.6 लाख करोड़ रुपये की लागत के साथ दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य वितरण कार्यक्रम है जिसका लाभ 19 महीने तक 80 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचा।’
इस अभिभाषण में किसानों के पक्ष में काफी कुछ करने का जिक्र भी था। राष्ट्रपति ने कहा कि किसानों ने रिकॉर्ड खाद्यान्न का उत्पादन किया और रबी सीजन के दौरान 433 लाख टन गेहूं की खरीद की गई जिससे करीब 50 लाख किसानों को फायदा मिला वहीं खरीफ सीजन के दौरान 900 लाख टन धान की खरीद से 1.30 करोड़ किसानों को फायदा मिला। राष्ट्रपति ने कहा कि कृषि-निर्यात ने नए रिकॉर्ड को छू लिया है। भाषण में किसान रेल सेवा का जिक्र भी था जिसके जरिये किसान अधिक बाजारों तक पहुंच सकते हैं। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ‘कोरोना अवधि के दौरान भारतीय रेलवे ने फलों, सब्जियों, दूध आदि ले जाने के लिए 150 से अधिक मार्गों पर 1,900 से अधिक किसान रेल चलाईं जिनकी मदद से करीब 6 लाख टन कृषि उत्पादों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सका। यह एक मिसाल है कि अगर सोच नई है तो कैसे मौजूदा संसाधनों से भी नए रास्ते तैयार किए जा सकते हैं।’
राष्ट्रपति के भाषण में छोटे किसानों का विशेषतौर पर जिक्र किया गया जो किसान समुदाय का करीब 80 फीसदी हिस्सा है और पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत 11 करोड़ किसान परिवारों को 1.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक दिए गए।
राष्ट्रपति ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एक स्पष्टीकरण दिया जिसकी आलोचना विपक्षी दलों द्वारा शासित परिवारों की तरफ से की गई कि इसमें स्थानीय भाषाओं को नजरअंदाज किया गया है। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि भारतीय भाषाओं में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए अहम प्रवेश परीक्षा होनी चाहिए। राष्ट्रपति ने इसी बात को रेखांकित करते हुए कहा, ‘इस साल 10 राज्यों के 19 इंजीनियरिंग कॉलेजों में छह भारतीय भाषाओं में पढ़ाई शुरू की जाएगी।’ उन्होंने नए स्टार्टअप का रुझान बढऩे को लेकर भी इस बात पर तवज्जो देते हुए कहा कि 2021 में कोरोना के दौरान 40 से अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप भारत में आए और इनमें से हरेक का न्यूनतम बाजार मूल्यांकन 7,400 करोड़ रुपये है।
राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा कि इंटरनेट कनेक्टिविटी की लागत और स्मार्टफोन की कीमत दुनिया में सबसे कम है और उन्होंने वादा किया कि भारत में 5जी कनेक्टिविटी जल्द ही देखी आ जाएगी। राष्ट्रपति ने अधिक जीएसटी संग्रह, मौजूदा वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में 48 अरब डॉलर के निवेश का हवाला दिया जिससे यह बात साबित हो रही है कि देश की वृद्धि को लेकर वैश्विक निवेशक समुदाय की धारणा मजबूत हो रही है साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार भी 630 अरब डॉलर के स्तर तक है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘अप्रैल से दिसंबर 2021 तक हमारा निर्यात 300 अरब डॉलर या 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा जो 2020 की समान अवधि की तुलना में डेढ़ गुना अधिक है।’ राष्ट्रपति ने कहा, ‘भारत दुनिया में दूसरे सबसे बड़े मोबाइल फोन तैयार करने वाले देश के रूप में उभरा है।’
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे का विकास काफी तेजी से हुआ। वर्ष 2020-21 में ग्रामीण क्षेत्रों में 30,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ और सड़क बनाने की दर रोजाना 100 किलोमीटर से अधिक रही, हजारों बस्तियों को पक्की सड़कों से जोड़ा गया। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने देश में 21 नए हवाईअड्डे बनाने की अनुमति भी दी है जिनमें से देश का सबसे बड़ा हवाईअड्डा उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में भी बन रहा है।’
राष्ट्रपति ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश और गोवा को केंद्र में रखते हुए कहा कि सैकड़ों साल पहले भारत से चुराई गई अन्नपूर्णा की मूर्ति को वापस लाकर काशी विश्वनाथ मंदिर में लगाया गया वहीं गोवा की 60वीं स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फोर्ट ऑगदा जेल कॉम्प्लेक्स का नए सिरे से जीर्णोद्धार करके उद्घाटन किया गया।

First Published - January 31, 2022 | 10:53 PM IST

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