facebookmetapixel
Advertisement
लार्ज कैप फंड: करीब 3 साल में पहली बार ₹1,322 करोड़ की निकासी, क्या अब निवेश करना चाहिए या बुक करें मुनाफा?प्रीमियम पर लिस्टिंग का दे रहा संकेत! 19 अगस्त से खुलेगा ये IPO, ₹550 करोड़ जुटाने का है प्लानEV, हाइड्रोजन, नेचुरल गैस से चलने वाले वाहनों के लिए राहत! सरकार इन नियमों में करने जा रही संशोधनरूस-यूक्रेन संघर्ष से सूरजमुखी तेल की सप्लाई बाधित, सोयातेल का आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीदगूगल देगा चीन को झटका! मिलेगा भारत को फायदा? 2027 तक के लिए बनाया ये प्लानविप्रो खरीदेगी डर्माटच में 60% हिस्सेदारी, ₹387.5 करोड़ की एंटरप्राइज वैल्यू पर होगी डीलQ1 में दमदार परफॉर्मेंस; ब्रोकरेज को भाया केबल्स एंड वायर्स सेक्टर, लंबी अवधि के लिए पसंद ये 2 शेयरटॉरेंट गैस IPO की तैयारी तेज, इस हफ्ते ₹4,000 करोड़ तक का अपडेटेड ड्राफ्ट दाखिल करने की तैयारीइनवेस्को म्युचुअल फंड ने लॉन्च किया नया फंड, ₹100 की SIP से फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश का मौकाबच्चे के भविष्य के लिए ₹250 से करें निवेश! NPS Vatsalya में 18 साल बाद क्या होगा पैसों का? जानें पूरा नियम

सूचीबद्ध-गैर सूचीबद्ध निवेश के बीच कर समानता हो

Advertisement
Last Updated- December 20, 2022 | 11:39 PM IST
Direct tax collection will be more than expected

भारतीय उद्यम एवं वैकल्पिक पूंजी संगठन (IVCA) ने मंगलवार को कहा कि आगामी बजट में सूचीबद्ध और गैर सूचीबद्ध निवेश के बीच कर समानता पर जोर दिया जाना चाहिए और वित्त मंत्रालय द्वारा वैकल्पिक फंडों को नियामकीय रियायतें दी जानी चाहिए।

गैर-सूचीबद्ध प्रतिभूतियों पर कर सूचीबद्ध इकाइयों पर लगने वाले कर का करीब 2.4 गुना 

कुछ प्रमुख उद्यम पूंजीपतियों और निजी इक्विटी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले IVCA ने बजट-पूर्व उद्योग की मांगें उठाने के लिए एक परिचर्चा का आयोजन किया। हितधारकों का मानना है कि गैर-सूचीबद्ध प्रतिभूतियों पर कर सूचीबद्ध इकाइयों पर लगने वाले कर का करीब 2.4 गुना है, भले ही गैर-सूचीबद्ध कंपनियों और स्टार्टअप में निवेश से नए परिसंपत्ति सृजन रोजगार वृद्धि को बढ़ावा मिल रहा है।

उद्यम पूंजी फर्म 3वन4 कैपिटल में संस्थापक भागीदार सिद्धार्थ पई ने कहा, ‘उद्योग के नजरिये से, हम सभी दामोदरन समिति के साथ चर्चा के आधार पर आशाजनक बदलाव (कर रियायत के संदर्भ में) की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले बजट में, हमने बड़ा बदलाव देखा था, क्योंकि पूंजीगत लाभ पर अधिभार सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध निवेश के बीच समान बनाया गया था।’

भारतीय स्टार्टअप तंत्र घटती फंडिंग की वजह से झेल रहे दबाव

पई ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप तंत्र को घटती फंडिंग की वजह से चालू वित्त वर्ष में दबाव का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि भारतीय मुद्रा में पूंजी से स्टार्टअप कंपनियों को पूरी सहायता नहीं मिल पाई है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कर दरें सूचीबद्ध बाजार के मुकाबले दोगुनी हैं।’

यह भी पढ़े: निफ्टी में निर्माण क्षेत्र का बढ़ रहा भारांक

वीसी और पीई उद्योग दिग्गजों द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात किए जाने के कुछ सप्ताह बाद हितधारकों से यह मांग सामने आई है। उन्होंने मंत्री से पारिवारिक कार्यालयों, कंपनियों और बीमा कंपनियों जैसे दीर्घावधि निवेशकों से पूंजी जुटाए जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। 

Advertisement
First Published - December 20, 2022 | 9:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement