facebookmetapixel
Advertisement
Small Cap Funds में पैसा लगाने से पहले DSP MF ने पूछे बड़े सवाल, क्या आप वाकई हैं तैयार?NSE IPO: कमाई का मौका या जोखिम का खेल? पैसा लगाने से पहले जान लें पूरी तस्वीरलाइफ साइकिल फंड में निवेश से पहले जान लें ये 10 जरूरी बातें, नहीं होगा बाद में पछतावाATM से कैश नहीं निकला और पैसा कट गया? जानिए बैंक कितने दिनों में लौटाएगा रकमAI शेयरों का बुल रन खतरे में? कोस्पी और स्पेसएक्स की गिरावट ने बढ़ाई चिंताकोरियाई बाजार में हाहाकार! गिरावट ऐसी की 20 मिनट तक रोकनी पड़ी ट्रेडिंग, भारत के लिए क्या हैं संकेतकैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस के बाद भी इलाज के लिए उधार लेने पड़ रहे हैं पैसे: रिपोर्ट का दावाऑर्डर घटे, निर्माण धीमा पड़ा… इन्फ्रा सेक्टर की हालत पर रिपोर्ट ने बजाई खतरे की घंटीAdvit Jewels IPO: सब्सक्रिप्शन के लिए खुला आईपीओ, ₹165 करोड़ जुटाने की तैयारी; जानें प्राइस बैंड समेत अन्य डीटेल्सITR Filing 2026: क्या 80 साल की उम्र के बाद ITR भरने की जरूरत नहीं? जानिए टैक्स कानून की पूरी सच्चाई

सूचीबद्ध-गैर सूचीबद्ध निवेश के बीच कर समानता हो

Advertisement
Last Updated- December 20, 2022 | 11:39 PM IST
Direct tax collection will be more than expected

भारतीय उद्यम एवं वैकल्पिक पूंजी संगठन (IVCA) ने मंगलवार को कहा कि आगामी बजट में सूचीबद्ध और गैर सूचीबद्ध निवेश के बीच कर समानता पर जोर दिया जाना चाहिए और वित्त मंत्रालय द्वारा वैकल्पिक फंडों को नियामकीय रियायतें दी जानी चाहिए।

गैर-सूचीबद्ध प्रतिभूतियों पर कर सूचीबद्ध इकाइयों पर लगने वाले कर का करीब 2.4 गुना 

कुछ प्रमुख उद्यम पूंजीपतियों और निजी इक्विटी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले IVCA ने बजट-पूर्व उद्योग की मांगें उठाने के लिए एक परिचर्चा का आयोजन किया। हितधारकों का मानना है कि गैर-सूचीबद्ध प्रतिभूतियों पर कर सूचीबद्ध इकाइयों पर लगने वाले कर का करीब 2.4 गुना है, भले ही गैर-सूचीबद्ध कंपनियों और स्टार्टअप में निवेश से नए परिसंपत्ति सृजन रोजगार वृद्धि को बढ़ावा मिल रहा है।

उद्यम पूंजी फर्म 3वन4 कैपिटल में संस्थापक भागीदार सिद्धार्थ पई ने कहा, ‘उद्योग के नजरिये से, हम सभी दामोदरन समिति के साथ चर्चा के आधार पर आशाजनक बदलाव (कर रियायत के संदर्भ में) की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले बजट में, हमने बड़ा बदलाव देखा था, क्योंकि पूंजीगत लाभ पर अधिभार सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध निवेश के बीच समान बनाया गया था।’

भारतीय स्टार्टअप तंत्र घटती फंडिंग की वजह से झेल रहे दबाव

पई ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप तंत्र को घटती फंडिंग की वजह से चालू वित्त वर्ष में दबाव का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि भारतीय मुद्रा में पूंजी से स्टार्टअप कंपनियों को पूरी सहायता नहीं मिल पाई है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कर दरें सूचीबद्ध बाजार के मुकाबले दोगुनी हैं।’

यह भी पढ़े: निफ्टी में निर्माण क्षेत्र का बढ़ रहा भारांक

वीसी और पीई उद्योग दिग्गजों द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात किए जाने के कुछ सप्ताह बाद हितधारकों से यह मांग सामने आई है। उन्होंने मंत्री से पारिवारिक कार्यालयों, कंपनियों और बीमा कंपनियों जैसे दीर्घावधि निवेशकों से पूंजी जुटाए जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। 

Advertisement
First Published - December 20, 2022 | 9:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement