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अगले 3-4 महीनों में आ जायेगी सेमीकंडक्टर 2.0 की नीति: अश्विनी वैष्णव

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के प्रथम चरण में पांच चिप परियोजनाओं के लिए 76,000 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर किया है।

Last Updated- September 11, 2024 | 10:09 PM IST
32 companies applied under PLI IT Hardware Scheme: Vaishnav

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को बताया कि भारत के सेमीकंडक्टर मिशन (सेमीकॉन इंडिया) के दूसरे चरण पर काम आगे बढ़ चुका है और इसे अगले तीन-चार महीनों में शुरू किया जाएगा। इसके तहत सरकार देश में चिप संयंत्र स्थापित करने वाली इकाइयों को वित्तीय मदद मुहैया करवाएगी।

वैष्णव ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में सेमीकॉन इंडिया के संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सेमीकॉन 1.0 की तुलना में इस योजना का स्तर कहीं अधिक व्यापक होगा। हालांकि मंत्री ने यह नहीं बताया कि सेमीकॉन कार्यक्रम के अगले चरण के लिए आवंटन
राशि कितनी होगी।

वैष्णव ने बताया, ‘हम सेमीकॉन कार्यक्रम के प्रथम चरण के व्यावहारिक रूप से पूरा होने के स्तर पर हैं। अब हम सेमीकॉन 2.0 की योजना बना रहे हैं और यह प्रथम चरण से कहीं अधिक विस्तृत होगा।’

मंत्री ने घोषणा की कि देश में उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर संयंत्र वाला चौथा राज्य होगा। अभी तक गुजरात, असम और महाराष्ट्र में चिप इकाइयों को मंजूरी मिली है।

वैष्णव ने बताया कि सेमीकॉन 2.0 के तहत इकोसिस्टम साझेदारों, उपकरण विनिर्माताओं, फैब्स, एटीएमपी व संपूर्ण सेमीकंडकर इकोसिस्टम पर बराबर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। नई योजना में तीन मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है : उपकरण विनिर्माताओं को आकर्षित करना, चुनिंदा सामग्री के विकास को बढ़ावा देना और भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए अनिवार्य रासायनिक आपूर्ति को सुनिश्चित करना।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के प्रथम चरण में पांच चिप परियोजनाओं के लिए 76,000 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर किया है।

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First Published - September 11, 2024 | 10:05 PM IST

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