facebookmetapixel
Nifty outlook: निफ्टी में दिख रहे हैं तेजी के संकेत, एक्सपर्ट्स बोले- रुझान बदल रहा हैVedanta: 8% गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज का भरोसा कायम, ₹900 तक का टारगेट; मोटे डिविडेंड की उम्मीदGold, Silver Price Today: मुनाफावसूली से सोने-चांदी के भाव औंधे मुंह गिरे, आगे क्या करें निवेशक?Stocks to Watch today: Tata Motors CV से लेकर Swiggy, ITC और Paytm तक; शुक्रवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Update: बजट से पहले शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा; मेटल इंडेक्स 4% गिरा₹6,450 लागत में ₹8,550 कमाने का मौका? Bank Nifty पर एक्सपर्ट ने सुझाई बुल स्प्रेड स्ट्रैटेजीपर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी देगी 4:1 के अनुपात में बोनस शेयर, Q3 में मुनाफा और रेवेन्यू में जोरदार बढ़तक्या MRF फिर देगी डिविडेंड? बोर्ड मीटिंग की तारीख नोट कर लेंचांदी की ऐतिहासिक छलांग: 10 दिन में 1 लाख की बढ़त के साथ 4 लाख रुपये के पार पहुंचा भावडॉलर के मुकाबले रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया मुद्रा पर दबाव

राज्यों का रेवेन्यू नवंबर तक 5 प्रतिशत बढ़ा, पिछले साल की तुलना में लिया 37 प्रतिशत अधिक कर्ज

अप्रैल-नवंबर 2023 के दौरान रेवेन्यू ग्रोथ रेट पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 80 प्रतिशत घट गई।

Last Updated- January 28, 2024 | 3:14 PM IST
money

देश के 16 सबसे बड़े राज्यों की कुल राजस्व प्राप्तियां अप्रैल-नवंबर 2023 के दौरान पांच प्रतिशत की दर से बढ़ीं। पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि 17.4 प्रतिशत रहने का बजट अनुमान है। इक्रा रेटिंग की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

रिपोर्ट में कहा गया कि अप्रैल-नवंबर 2023 के दौरान राजस्व वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 80 प्रतिशत घट गई। राज्यों ने चालू वित्त वर्ष में नवंबर, 2023 तक सालाना आधार पर 37 प्रतिशत अधिक कर्ज लिया है। राजस्व प्राप्ति उम्मीद से कम रहने के चलते उन्हें अपने ऋण, वेतन तथा पेंशन का भुगतान करने के लिए चालू वित्त वर्ष में भारी उधार लेना होगा।

Also read: Budget 2024: वाहन कंपनियों को भरोसा, हरित परिवहन को बढ़ावा देना जारी रखेगी सरकार

रिपोर्ट में कहा गया कि राजस्व में कमी बिक्री कर में गिरावट, राज्य माल एवं सेवा कर संग्रह (SGST), उत्पाद शुल्क और स्टाम्प तथा पंजीकरण शुल्क से कम प्राप्तियों के चलते हुई। रिपोर्ट में कहा गया कि केंद्रीय अनुदानों में कमी के चलते भी राज्यों की स्थिति तंग हुई है। इक्रा ने कहा कि चौथी तिमाही में राजस्व संग्रह बेहतर होने का अनुमान है, लेकिन यह वृद्धि कमी को पूरी तरह से दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।

First Published - January 28, 2024 | 3:14 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट