facebookmetapixel
येस बैंक की वृद्धि बहाली की कमान विनय टोंसे को, नए एमडी-सीईओ पर अगले चरण की जिम्मेदारीGold, Silver Price Today: सोना फिर ₹1.50 लाख से नीचे लुढ़का, चांदी में भी गिरावटऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने का लक्ष्य: पीयूष गोयलQ3 Results: कॉग्निजेंट का मुनाफा 19% बढ़ा, ट्रेंट के रेवेन्यू में इजाफा; जानें कैसे रहे बाकी कंपनियों के नतीजेइंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय वाइड-बॉडी उड़ानों में की कटौतीएंथ्रोपिक के एआई टूल से टेक कंपनियों में बढ़ी प्रतिस्पर्धाएआई कंपनी में संभावनाएं अपार: फ्रैक्टल एनालिटिक्स सीईओStocks to Watch today: Bharti Airtel से लेकर LIC और Tata Power तक; गुरुवार को इन स्टॉक्स पर फोकसAI पर भरोसा डगमगाया? Alphabet से एशिया तक शेयरों में भूचालStock Market Update: सपाट शुरुआत के बाद फिसला बाजार, सेंसेक्स 400 से ज्यादा अंक टूटा; निफ्टी 25650 के नीचे

RBI MPC meet: एक्सपर्ट्स की राय, RBI इस बार भी Repo Rate में नहीं करेगा कोई बदलाव

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC Meet) की तीन दिन की बैठक चार अक्टूबर को शुरू होगी।

Last Updated- October 01, 2023 | 4:01 PM IST
RBI Dividend: What is the reason for Reserve Bank of India giving huge dividend to the government? economists explained RBI Dividend: रिजर्व बैंक के सरकार को भारी लाभांश देने की क्या है वजह? अर्थशास्त्रियों ने समझाया

RBI MPC Meet in October: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस सप्ताह के अंत में पेश होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC Meet) में प्रमुख नीतिगत दर रेपो (Repo Rate) को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रख सकता है। इसका मतलब है कि खुदरा और कॉरपोरेट कर्जदारों के लिए ब्याज दरें स्थिर रह सकती हैं। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर रिजर्व बैंक ने मई, 2022 में नीतिगत दर बढ़ाना शुरू किया था और इस साल फरवरी में यह 6.5 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। इसके बाद से लगातार पिछली तीन द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठकों में नीतिगत दर को स्थिर रखा गया।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC Meet) की तीन दिन की बैठक चार अक्टूबर को शुरू होगी। बैठक के नतीजों की घोषणा शुक्रवार (छह अक्टूबर) को होगी।

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘‘इस बार की मौद्रिक नीति में मौजूदा दर संरचना के साथ ही नीतिगत रुख के जारी रहने की संभावना है। इसलिए रेपो दर 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखी जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति अब भी 6.8 प्रतिशत के उच्चस्तर पर है और सितंबर तथा अक्टूबर में इसमें कमी आने की उम्मीद है, लेकिन खरीफ उत्पादन को लेकर कुछ आशंकाएं हैं, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं। इक्रा लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समूह प्रमुख (वित्तीय क्षेत्र रेटिंग) कार्तिक श्रीनिवासन ने भी उम्मीद जताई कि एमपीसी नीतिगत दर को स्थिर रखेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘सितंबर के दूसरे पखवाड़े में नकदी में जो सख्ती देखी गई, वह जारी रहने की संभावना नहीं है। खासकर पिछली नीति समीक्षा में लागू की गई वृद्धिशील सीआरआर से नकदी जारी होगी।’’

रियल एस्टेट कारोबारियों के निकाय नारेडको के अध्यक्ष राजन बंदेलकर ने कहा कि अक्टूबर एमपीसी बैठक के दौरान आरबीआई का उदार रुख जारी रहने की उम्मीद है।

First Published - October 1, 2023 | 4:01 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट