एंथ्रोपिक ने क्लाउड कोवर्क को हाल में अपडेट किया है जिसके कारण सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) से होने वाली बाधाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है।
ट्रेसएलएमडॉटएआई के संस्थापक मयंक गुप्ता ने क्लाउड कोवर्क का इस्तेमाल किया है और उनका कहना है कि क्षमता के नजरिये से यह उस चीज से बुनियादी रूप से अलग नहीं लगा जो वह क्लाउड कोड का इस्तेमाल करके एक डेवलपर के रूप में पहले से ही कर सकते हैं। क्लाउड कोड एक साल से है और इसने पहले ही दिखा दिया है कि डेवलपर के हाथों में एजेंटिक टूल्स कितने ताकतवर हो सकते हैं।
गुप्ता आगे कहते हैं, ‘अगर क्लाउड कोवर्क जैसा एक सामान्य उद्देश्य वाला एजेंटिक टूल, 11 ओपन-सोर्स और कस्टमाइज किए गए प्लगइन्स के साथ मिलकर, पारंपरिक सास इंटरफेस पर निर्भर हुए बिना शोध, विश्लेषण, कानूनी दस्तावेजों की समीक्षा और परिचालन से जुड़े काम को शुरू से अंत तक संभाल सकता है। ऐसे में आज पुराने सॉफ्टवेयर का एक बड़ा हिस्सा संरचनात्मक रूप से कमजोर हो जाता है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह एक शुरुआती संकेत है कि एआई अब काम को आसान बनाने के साथ ही तेज रफ्तार से करने के आयाम से भी आगे बढ़ रहा है और यह पुराने सॉफ्टवेयर की पूरी लेयर को बदलना शुरू कर रहा है।’
ड्रॉपबॉक्स के पूर्व सीटीओ और फ्लिपकार्ट के निदेशक मंडल में रहे आदित्य अग्रवाल ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि अब कोड हाथ से नहीं लिखे जाएंगे। उन्होंने लिखा, ‘मैं सप्ताहांत में क्लाउड के साथ कोड लिखने में बहुत समय बिताता था। यह बात स्पष्ट थी कि हम फिर कभी हाथ से कोड नहीं लिखेंगे क्योंकि ऐसा करने का कोई मतलब नहीं है। मैं जिस काम में बहुत अच्छा था, वह अब मुफ्त और बड़ी तादाद में मौजूद है। मैं खुश हूं… लेकिन दिशाहीन महसूस कर रहा हूं।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरे शुरुआती करियर से जुड़े काम अब बड़ी आसानी से एआई कर रहा है।’
एन्थ्रोपिक ने अपने मौजूदा एआई टूल में से एक को अपडेट किया है, जो कानूनी, बिक्री, मार्केटिंग और डेटा एनालिसिस के काम को स्वचालित करता है, जिससे प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मौजूदा कंपनियों और एआई कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा की चिंता बढ़ गई है, जो काम करने के तरीके और उसकी दक्षता में सुधार करती हैं।