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ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने का लक्ष्य: पीयूष गोयल

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भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत मार्च में शुरू हुई थी और अब तक इसमें आधा दर्जन दौर की बातचीत हुई है।

Last Updated- February 05, 2026 | 9:42 AM IST
Piyush Goyal

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को संसद में कहा कि भारतीयों के लिए ऊर्जा की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। गोयल ने कहा कि बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को देखते हुए सरकार ऊर्जा के स्रोतों का विविधीकरण कर रही है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अपने बयान में गोयल ने कहा, ‘बाजार की स्थिति और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा के स्रोतों का विविधीकरण हमारी प्रमुख रणनीति में शामिल है। भारत सभी कार्रवाई इसी को ध्यान में रखते हुए कर रहा है।’

व्यापार समझौते की घोषणा करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि भारत रूस से तेल आयात रोकने पर सहमत हो गया है और अमेरिका, खासकर वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा, जिससे रूस और यूक्रेन का युद्ध रोकने में मदद मिलेगी। अमेरिका ने भारत से आयात पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।

गोयल ने जोर देकर कहा कि समझौते में खाद्य और कृषि सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। गोयल ने कहा कि न केवल भारत ने, बल्कि अमेरिकी पक्ष ने भी उन क्षेत्रों की रक्षा की जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील थे।
भारत द्वारा अगले 5 वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के वस्तु आयात के इरादे को साफ करते हुए मंत्री ने बताया कि दोनों देश काफी हद तक पूरक अर्थव्यवस्थाएं हैं। जैसे-जैसे भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है, देश को ऊर्जा, विमानन, डेटा सेंटर और परमाणु ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में क्षमताएं बढ़ाने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन क्षेत्रों में अग्रणी है, ऐसे में भारत इन क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाओं का पता लगाएगा, जिससे भारत के आयात और निर्यात में वृद्धि हो सके।

अमेरिका द्वारा भारत के कुछ निर्यातों पर पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के 5 महीने के बाद समझौता हुआ है, जिसमें भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने पर लगाया गया 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क भी शामिल था।

ट्रंप ने कहा है कि भारत शुल्क घटाकर शून्य करेगा। वहीं भारत ने कहा है कि संवेदनशील क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए यह समझौता किया गया है। उदाहरण के लिए भारत पॉल्ट्री, डेरी, मोटे अनाज, जीएम फूड, सोया खली और मक्के जैसी वस्तुओं पर शुल्क में रियायत नहीं देगा। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत मार्च में शुरू हुई थी और अब तक इसमें आधा दर्जन दौर की बातचीत हुई है।

गोयल ने कहा, ‘करीब एक साल तक कई दौर की बातचीत हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने काफी हद तक मतभेद कम किए और कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय बातचीत को अंतिम रूप देने में सफल रहे। परसों, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्त्व के कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए फोन पर बात की। इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका को भारतीय निर्यात के लिए 18 प्रतिशत की कम दर की घोषणा की।’ गोयल ने कहा कि समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से श्रम केंद्रित क्षेत्रों और विनिर्माण क्षेत्र को उल्लेखनीय लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘मैं माननीय सदस्यों को सूचित करना चाहता हूं कि अब दोनों पक्ष साथ मिलकर काम करेंगे और जरूरी तकनीकी प्रक्रियाओं और व्यापार समझौते से संबंधित कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देंगे। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद समझौते के विस्तृत ब्योरे की घोषणा की जाएगी।’

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First Published - February 5, 2026 | 9:42 AM IST

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