facebookmetapixel
Advertisement
India IIP Growth: अप्रैल में 4.9% बढ़ी भारत के औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार, मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा उछाललाडकी बहिन योजना से 80 लाख महिलाएं हुई बाहर, विपक्ष बोला- KYC सिर्फ बहाना, ‘वित्तीय संकट’ से जुझ रही सरकार भारत की डेयरी क्रांति के अनसुने नायक: नानासाहेब चितलेRule Changes from June 1: UPI, PF, ATM, टैक्स, पैन कार्ड के नियम बदले; आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर!बैंकों ने MSMEs के लिए खोला कर्ज का पिटारा, पश्चिम एशिया संकट के बीच ECLGS के तहत ₹35,000 करोड़ मंजूरIndia US Trade Deal: बोले पीयूष गोयल- अमेरिकी टैक्स बदलावों को ध्यान में रखकर ही होगी डीलITR Filing 2026: सिर्फ Form-16 के भरोसे न रहें, रिटर्न भरने से पहले जरूर चेक करें AIS और TISHDFC AMC के लाखों निवेशकों का डेटा दांव पर? बंबई हाईकोर्ट ने हैकर ग्रुप ‘मॉर्फियस’ के खिलाफ दिया बड़ा आदेशFD Interest Rates: क्या लौटेगा हाई FD Rates का दौर? समझिये कब और क्यों बढ़ सकती हैं दरेंAI से बढ़ा खतरा, अब AI ही करेगा बचाव! सरकार की नई रणनीति तैयार

AI पर भरोसा डगमगाया? Alphabet से एशिया तक शेयरों में भूचाल

Advertisement

AI पर बढ़ते खर्च और नए टूल्स से बढ़ी अनिश्चितता ने टेक शेयरों में बिकवाली तेज कर दी, जिसका असर एशियाई बाजारों से लेकर वॉल स्ट्रीट तक दिखा

Last Updated- February 05, 2026 | 8:30 AM IST
AI Investment Costs

जिस AI से मुनाफे की उम्मीद थी, वही अब बाजार की बेचैनी बनता जा रहा है। AI में बढ़ते खर्च को लेकर डर बढ़ते ही गुरुवार को एशियाई शेयर बाजार लड़खड़ा गए। टेक शेयरों पर दबाव साफ दिखा, हालांकि वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स ने संभलने की कोशिश की क्योंकि चिप बनाने वाली कंपनियों में हल्की तेजी आई।

Alphabet के नतीजे अच्छे, लेकिन खर्च ने झकझोरा

Google की पैरेंट कंपनी Alphabet ने बाजार बंद होने के बाद मजबूत नतीजे पेश किए, लेकिन असली झटका उसके ऐलान ने दिया। कंपनी ने बताया कि वह इस साल AI पर 175 से 185 अरब डॉलर खर्च करेगी। यह रकम बाजार की उम्मीद से कहीं ज्यादा थी। इस खबर के बाद Alphabet का शेयर एक समय 6 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया, हालांकि बाद में गिरावट सिमटकर 0.4 प्रतिशत रह गई।

IG के एनालिस्ट टोनी साइकामोर ने कहा कि AI पर खर्च में इतनी बड़ी बढ़ोतरी ऐसे वक्त आई है जब निवेशक पहले से ही सॉफ्टवेयर कंपनियों, कैपेक्स और AI वैल्यूएशन को लेकर बेहद घबराए हुए हैं।

यह भी पढ़ें | ChatGPT के बाद अब ‘AI का डर’! आखिर दो दिन में टेक कंपनियों के क्यों उड़ गए अरबों डॉलर

टेक से भरोसा उठा, पैसे की दिशा बदली

निवेशक अब टेक दिग्गजों से दूरी बनाकर साइक्लिकल शेयरों की ओर बढ़ रहे हैं। AI की वजह से नौकरियों और बिजनेस मॉडल पर खतरे की आशंका बढ़ गई है।
Anthropic के Claude AI मॉडल के नए लीगल टूल से शुरू हुई बिकवाली ने 28 जनवरी के बाद से करीब 830 अरब डॉलर की बाजार वैल्यू साफ कर दी है।

AMD के नतीजों ने गिरावट तेज की

इस डर के माहौल में Advanced Micro Devices (AMD) के कमजोर नतीजों ने आग में घी डाल दिया। चिप निर्माता कंपनी का शेयर रातों-रात 17 प्रतिशत टूट गया और टेक सेक्टर की हालत और बिगड़ गई।

Nvidia ने दी थोड़ी राहत

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च की उम्मीद से Nvidia के शेयरों में आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में करीब 2 प्रतिशत की तेजी आई। इससे Nasdaq फ्यूचर्स 0.6 प्रतिशत और S&P 500 फ्यूचर्स 0.4 प्रतिशत ऊपर दिखे, मानो बाजार ने राहत की सांस ली हो।

एशिया में लाल निशान ही लाल निशान

  • अमेरिका की हल्की मजबूती के बावजूद एशिया के बाजार संभल नहीं पाए।
  • जापान को छोड़कर MSCI एशिया-पैसिफिक इंडेक्स 1 प्रतिशत गिरा।
  • दक्षिण कोरिया का KOSPI 1.7 प्रतिशत लुढ़का, ताइवान का बाजार 0.7 प्रतिशत टूटा।
  • जापान का Nikkei सपाट रहा, जबकि चीन के ब्लूचिप शेयर 0.7 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.8 प्रतिशत गिर गया।

सबकी नजर Amazon और सेंट्रल बैंकों पर

अब बाजार की नजर Amazon के नतीजों पर टिकी है। साथ ही बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपियन सेंट्रल बैंक की बैठकों पर भी, जहां ब्याज दरों में फिलहाल किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है।

चुनाव से पहले येन की फिसलन

जापान में रविवार को होने वाले आम चुनाव से पहले जापानी येन लगातार चौथे दिन कमजोर हुआ। सर्वे प्रधानमंत्री साने ताकाइची की बड़ी जीत का संकेत दे रहे हैं, लेकिन उनके खर्च बढ़ाने के इरादों ने जापान की कमजोर वित्तीय हालत को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
डॉलर के मुकाबले येन 156.93 पर टिका रहा।

अमेरिका का 10-साल का बॉन्ड यील्ड 4.27 प्रतिशत के आसपास स्थिर रहा। सरकारी शटडाउन के चलते टली जनवरी की अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट अब 11 फरवरी को आएगी।

तेल फिसला, सोने-चांदी में हल्की चमक

दो दिन की तेजी के बाद तेल की कीमतें फिसल गईं। अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में बातचीत की खबर से नरमी आई। अमेरिकी कच्चा तेल 1.4 प्रतिशत गिरकर 64.23 डॉलर और ब्रेंट क्रूड 68.47 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद सोना और चांदी में हल्की रिकवरी दिखी। सोना 0.3 प्रतिशत बढ़कर 4,976 डॉलर और चांदी 88.20 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। (रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - February 5, 2026 | 8:26 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement