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ChatGPT के बाद अब ‘AI का डर’! आखिर दो दिन में टेक कंपनियों के क्यों उड़ गए अरबों डॉलर

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जो शुरुआत में एक सामान्य सा AI ऐलान लगा, वही कुछ ही घंटों में बाजार की दिशा बदलने वाला संकेत बन गया और निवेशकों की चिंता गहरी हो गई

Last Updated- February 05, 2026 | 8:11 AM IST
AI Disruption

जिस AI को अब तक शेयर बाजार का भविष्य माना जा रहा था, वही अब बाजार के लिए डर का सबसे बड़ा कारण बन गया है। ChatGPT के आने के बाद पिछले तीन सालों में कई बार AI को लेकर बाजार में उतार-चढ़ाव आया, लेकिन इस हफ्ते जो हुआ, उसने निवेशकों को चौंका दिया। शेयर और कर्ज बाजार में ऐसी तेज गिरावट शायद ही किसी ने सोची हो।

दो दिन में साफ हो गई दौलत

सिर्फ दो दिनों के भीतर सिलिकॉन वैली की बड़ी-छोटी कंपनियों की बाजार कीमत से सैकड़ों अरब डॉलर गायब हो गए। सॉफ्टवेयर शेयर इस तूफान के केंद्र में रहे। एक iShares ETF, जो सॉफ्टवेयर कंपनियों को ट्रैक करता है, उसकी वैल्यू महज सात दिनों में करीब 1 ट्रिलियन डॉलर घट गई। बाजार में डर साफ झलकने लगा।

इस बार घबराहट किसी बुलबुले के फूटने से नहीं आई है। असली डर यह है कि AI अब कंपनियों के पूरे बिजनेस मॉडल को ही चुनौती दे रहा है। जिस खतरे की बात सालों से होती रही, अब निवेशकों को लगने लगा है कि वह वक्त बहुत करीब आ गया है।

Jonestrading के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट माइकल ओ’रूर्क का कहना है कि बाजार की यह प्रतिक्रिया जरूरत से ज्यादा नहीं है। उनके मुताबिक दो साल से कहा जा रहा था कि AI दुनिया बदल देगा और अब पिछले कुछ हफ्तों में उसके असर जमीन पर दिखने लगे हैं।

एक छोटा ऐलान, बड़ा भूचाल

इस तूफान की शुरुआत एक छोटे से ऐलान से हुई। AI स्टार्टअप Anthropic ने कानूनी कामों, जैसे कॉन्ट्रैक्ट जांचने के लिए एक नया AI टूल पेश किया। यह कोई बड़ा धमाका नहीं माना जा रहा था, लेकिन इससे पहले Anthropic के AI कोडिंग टूल्स सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री की तस्वीर बदल चुके थे। इसलिए यह ऐलान निवेशकों के लिए खतरे की घंटी बन गया।

KeyBanc के एनालिस्ट जैक्सन एडर ने चेताया कि आज AI लीगल सेक्टर में घुसा है, तो कल यह सेल्स, मार्केटिंग और फाइनेंस तक पहुंच सकता है।

AI के चहेते भी थकते दिखे

निवेशकों की चिंता तब और गहरी हो गई जब AI से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कंपनियों में भी कमजोरी दिखी। Alphabet ने माना कि AI पर खर्च उम्मीद से ज्यादा बढ़ेगा, वहीं Arm Holdings की कमाई का अनुमान बाजार को निराश कर गया। नतीजा यह हुआ कि दोनों शेयरों में आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में गिरावट आ गई।

बिकवाली ने खुद को जन्म दिया

D.A. Davidson के मैनेजिंग डायरेक्टर गिल लूरिया के मुताबिक पहले सिर्फ सॉफ्टवेयर शेयर बेचे जा रहे थे, लेकिन फिर यह आग पूरे बाजार में फैल गई। शेयर गिरते गए, डर बढ़ता गया और डर ने और बिकवाली को जन्म दे दिया। यह गिरावट अमेरिका तक सीमित नहीं रही। London Stock Exchange Group, TCS और Infosys जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर भी इस हफ्ते AI की वजह से बिजनेस पर खतरे की आशंका में टूट गए।

डर सिर्फ शेयरों तक नहीं रुका। जिन बैंकों और निवेशकों ने सॉफ्टवेयर कंपनियों को कर्ज दिया था, वहां भी दबाव बढ़ गया। Bloomberg के आंकड़ों के मुताबिक पिछले चार हफ्तों में 17.7 अरब डॉलर से ज्यादा के अमेरिकी टेक लोन संकट वाले स्तर पर पहुंच गए हैं।

अभी नुकसान कम, डर ज्यादा

दिलचस्प बात यह है कि अब तक कई बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों ने AI की वजह से सीधा नुकसान नहीं झेला है। ServiceNow और Salesforce जैसी कंपनियों ने न तो कमाई में चूक की है और न ही ग्राहकों के जाने की बात कही है। इसके बावजूद बाजार बेचैन है।

सॉफ्टवेयर कंपनियां सालों से अपने AI टूल्स बना रही हैं और सुरक्षित इस्तेमाल के वादे कर रही हैं। लेकिन नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे हैं। Microsoft के Copilot के सिर्फ 1.5 करोड़ पेड यूजर्स हैं, जबकि कंपनी के कुल यूजर्स करोड़ों में हैं।

अब तय होगा कौन टिकेगा

अब डर यह नहीं है कि AI आएगा या नहीं, बल्कि यह है कि कौन सी कंपनियां AI की रफ्तार में टिक पाएंगी और कौन पीछे छूट जाएंगी। SLC Management के मैनेजिंग डायरेक्टर डेक मुलार्की का कहना है कि आने वाला साल बेहद अहम होगा। उनके मुताबिक अभी बाजार में यह तय होने की शुरुआत हो चुकी है कि इस AI दौर में असली विजेता कौन होंगे और सबसे कमजोर कौन। (ब्लूमबर्ग के इनपुट के साथ)

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First Published - February 5, 2026 | 8:01 AM IST

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