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RBI ने रीपो रेट 0.25% घटाया, GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया; क्या EMI होगी सस्ती?

गवर्नर संजय मल्होत्रा बोले- महंगाई ऐतिहासिक रूप से नीचे, विकास दर 8% पर; बैंकिंग सिस्टम और नियमों में सुधार

Last Updated- December 05, 2025 | 10:43 AM IST
RBI
Representational Image

RBI MPC Outcome:  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रीपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) की कटौती करते हुए इसे 5.25% कर दिया है। मजबूत आ​र्थिक वृद्धि (GDP) ग्रोथ और मुद्रास्फीति में नरमी के बीच आरबीआई ने नीतिगत दर में यह कटौती की है। इसके साथ ही आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया। इसके अलावा महंगाई दर के अनुमान को 2.6 प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है।

रीपो वह ब्याज दर है, जिस पर कॉम​र्शियल बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक (RBI) से कर्ज लेते हैं। रीपो रेट में कटौती होने से होम, ऑटो समेत अन्य रिटेल लोन पर ब्याज में बदलाव की संभावना है। इससे पहले, केंद्रीय बैंक ने इस साल फरवरी से जून तक रेपो दर में कुल एक प्रतिशत की कटौती की थी। वहीं अगस्त और अक्टूबर में मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया था।

पॉलिसी ऐलान करते हुए  आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश में महंगाई 2.2% के निचले स्तर पर है और अर्थव्यवस्था 8% की मजबूत वृद्धि दर्ज कर रही है। उन्होंने इसे देश के लिए एक “गोल्डीलॉक्स पीरियड” (आदर्श स्थिति) बताया।

न्यूट्रल स्टॉन्स बरकरार

आरबीआई गवर्नर ने  कहा कि इसके साथ ही मौद्रिक नीति के रुख को तटस्थ (न्यूट्रल) बनाये रखा गया है। इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक आर्थिक स्थिति के हिसाब से नीतिगत दर में समायोजन को लेकर फ्लै​क्सिबिलिटी बनी रहेगी।

मल्होत्रा ने कहा कि पिछले महीनों में अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है और बैंकिंग सिस्टम और भी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, “वित्तीय प्रणाली को और बेहतर बनाने, कारोबार करने में आसानी बढ़ाने और उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नियमों में सुधार किया गया है। । हम नए साल में और भी अच्छी तरक्की करने की कोशिश करेंगे।”

उन्होंने कहा कि अक्टूबर के बाद से देश में महंगाई बहुत तेजी से घट रही है और अब बहुत कम हो गई है। सरकार ने महंगाई को काबू में रखने का जो नया तरीका अपनाया था, उसके बाद पहली बार महंगाई इतनी नीचे आई है।

लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए RBI की बड़ी कार्रवाई

गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि तरलता (Liquidity) की मौजूदा स्थिति को देखते हुए रिजर्व बैंक ने सिस्टम में अतिरिक्त नकदी डालने का निर्णय लिया है। इसके लिए RBI दिसंबर महीने में 1 लाख करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड की खरीद (OMO Purchase) करेगा। इसके अलावा 5 अरब अमेरिकी डॉलर का तीन साल का डॉलर-रुपया स्वैप भी किया जाएगा, जिससे आर्थिक प्रणाली में और स्थिरता आएगी।

 हेडलाइन महंगाई में काफी गिरावट आई

उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में हेडलाइन महंगाई में काफी गिरावट आई है, और यह पहले दिए गए अनुमानों से भी कम रहने की संभावना है। खाद्य कीमतें सामान्य स्तर पर रहने से महंगाई पर काफी दबाव कम हुआ है। आरबीआई ने इस साल और अगले साल की पहली तिमाही के लिए महंगाई के औसत अनुमान को और नीचे किया है।

संजय मल्होत्रा ने बताया कि कोर महंगाई (जिसमें खाद्य और ईंधन शामिल नहीं होते) भी अब स्थिर हो रही है और आने वाले महीनों में नियंत्रित रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में हेडलाइन और कोर, दोनों तरह की महंगाई 4% के आसपास या उससे भी कम रह सकती है। गवर्नर ने कहा कि फिलहाल जोखिम संतुलित हैं और अर्थव्यवस्था स्थिर दिशा में आगे बढ़ रही है।

महंगाई दर का अनुमान

मौजूदा अनुमान पिछला अनुमान
FY26 2% 2.6%
Q3FY26 0.6% 1.8%
Q4FY26 2.9% 4%
Q1FY27 3.9% 4.5%
Q2FY2 4%

घरेलू कारक अर्थव्यवस्था को देंगे मजबूती

गवर्नर ने आगे कहा कि देश में कई घरेलू कारक आर्थिक गतिविधियों को लगातार समर्थन देते रहेंगे। इनमें शामिल हैं-

  • कृषि की अच्छी स्थिति
  • GST सुधारों का मजबूत असर
  • कम महंगाई
  • कंपनियों और बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट
  • अनुकूल मौद्रिक और वित्तीय माहौल

इन सारी परिस्थितियों से आर्थिक गतिविधियों को आगे भी बढ़ावा मिलता रहेगा।

GDP अनुमान में सुधार: FY26 में 7.3% ग्रोथ की उम्मीद

RBI ने FY26 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है, जो पहले के मुकाबले लगभग 0.5% ज्यादा है।

FY26 मौजूदा अनुमान पिछला अनुमान
Q3FY26 7% 6.4%
Q4FY26 6.5% 6.2%
Q1FY27 6.7% 6.4%
Q2FY27 6.8%

 

First Published - December 5, 2025 | 10:12 AM IST

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