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ओपेक बढ़ाएगा उत्पादन, कच्चा तेल नरम

तेल उत्पादन में वृद्धि से कीमतों पर दबाव, ब्रेंट क्रूड और यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट में गिरावट

Last Updated- May 05, 2025 | 10:46 PM IST
crude oil

ओपेक+ द्वारा सप्ताहांत में तेल उत्पादन में और बढ़ोतरी करने का फैसला लेने के बाद सोमवार को तेल की कीमतों में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट आई, जिससे अनिश्चित मांग परिदृश्य से घिरे बाजार में और अधिक आपूर्ति की चिंता बढ़ गई।

ब्रेंट क्रूड वायदा 11.31 जीएमटी पर 70 सेंट या 1.14 फीसदी गिरकर 60.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया जबकि यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड 75 सेंट या 1.29 फीसदी की गिरावट के साथ 57.54 डॉलर प्रति बैरल पर था।

सोमवार को कारोबार शुरू होने पर अनुबंधों ने 9 अप्रैल के बाद के अपने निम्नतम स्तर को छूने के बाद नुकसान कम किया, ऐसा ओपेक+ द्वारा लगातार दूसरे महीने तेल उत्पादन में वृद्धि करने पर सहमति जताने के बाद हुआ। इससे जून में उत्पादन 4,11,000 बैरल प्रति दिन बढ़ जाएगा।

रॉयटर्स की गणना के अनुसार, ओपेक+ समूह के आठ उत्पादकों की ओर से जून में होने वाली वृद्धि से अप्रैल, मई और जून के लिए कुल संयुक्त बढ़ोतरी 9,60,000 बैरल रोजाना हो जाएगी, जो 2022 से सहमत विभिन्न कटौतियों के 22 लाख बैरल रोजाना में से 44 फीसदी की कमी को दर्शाता है।

ओपेक+ सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि अगर सदस्य देश अपने उत्पादन कोटा के अनुपालन में सुधार नहीं करते हैं तो समूह अक्टूबर के अंत तक अपनी स्वैच्छिक कटौती को पूरी तरह से समाप्त कर सकता है। ओपेक+ के सूत्रों ने कहा है कि सऊदी अरब, ओपेक+ पर दबाव डाल रहा है कि वह पहले की उत्पादन कटौती को तेजी से समाप्त करे ताकि साथी सदस्य इराक और कजाकिस्तान को उनके उत्पादन कोटा के खराब अनुपालन के लिए दंडित किया जा सके।

सैक्सो बैंक के विश्लेषक ओले हेन्सन ने कहा, सऊदी अरब द्वारा प्रेरित उत्पादन वृद्धि का मकसद अमेरिकी शेल आपूर्ति को चुनौती देना है। साथ ही उन सदस्यों को दंडित करना है, जिन्होंने अपनी उत्पादन सीमा का उल्लंघन करते हुए उच्च कीमतों से लाभ उठाया है।

आर्थिक मंदी में बैरल जोड़ने से कीमतों पर दबाव पड़ेगा, जब तक कि हमें मांग के प्रभाव के बारे में स्पष्ट तस्वीर नहीं मिल जाती। बाजार में आपूर्ति वापस आने की उम्मीदों ने ब्रेंट वायदा वायदा पर दबाव डाला है, जो एक कमजोर बाजार का संकेत है। ओपेक+ के फ़ैसले के बाद बार्कलेज और आईएनजी ने भी ब्रेंट क्रूड के अपने पूर्वानुमानों को कम कर दिया है।

बार्कलेज ने 2025 के लिए अपने ब्रेंट पूर्वानुमान को 4 डॉलर घटाकर 66 डॉलर प्रति बैरल और 2026 के लिए 2 डॉलर घटाकर 60 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है जबकि आईएनजी को उम्मीद है कि इस साल ब्रेंट का औसत 65 डॉलर रहेगा, जो पहले 70 डॉलर था।

First Published - May 5, 2025 | 10:46 PM IST

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