facebookmetapixel
Advertisement
ओयो-जॉस्टल के बीच बढ़ा कानूनी विवाद, दिल्ली HC ने बैकपैकर हॉस्टल श्रृंखला की नई अर्जी को किया खारिजएमेजॉन प्राइम डे का 10वां सीजन रहा अब तक का सबसे सुपरहिट, छोटे शहरों में दिखा सबसे ज्यादा क्रेजट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में गूगल इंडिया को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका, अंतरिम राहत देने से अदालत का इनकारभारत के सबसे अमीर और सबसे गरीब राज्य का खुलासा, 10 गुना कमाई का अंतरघर बैठे बनेगा बच्चों का ब्लू आधार कार्ड, नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर, जानें आसान तरीकाShare Market: Sensex 827 अंक उछला, Nifty 24,200 के पार, अब कहां तक जाएगी तेजी?यूजरनेम फीचर पर व्हाट्सएप के बाद टेलीग्राम ने भी सरकार को सौंपा जवाब, IT मंत्रालय करेगा जांचTRAI का बड़ा फैसला: ट्रूकॉलर नहीं ब्लॉक कर पाएगा बैंकों के फोन, 1600 सीरीज को स्पैम टैग करने पर रोकबिना मोबाइल नेटवर्क के भी होगी बात! BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, जानें कीमत और खूबियांमुंबई में ₹6,066 करोड़ से बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क

India’s Q3 GDP data: सरकार आज जारी करेगी तीसरी तिमाही के GDP आंकड़े

Advertisement
Last Updated- February 28, 2023 | 12:15 PM IST
GDP base year revision: Government considering changing the base year for GDP calculation to 2022-23 जीडीपी गणना के लिए आधार वर्ष को बदलकर 2022-23 करने पर विचार कर रही सरकार

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय दिसंबर तिमाही के आंकड़ों के साथ वित्तवर्ष 2022-23 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का दूसरा अग्रिम अनुमान मंगलवार शाम को जारी करेगा। मंत्रालय वित्तवर्ष 2021-22 के लिए आर्थिक वृद्धि का संशोधित अनुमान भी जारी करेगा।

पिछले साल मई में इसके 8.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। पिछले महीने जारी किए गए पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, वित्तवर्ष 2022-23 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर सात प्रतिशत रह सकती है।

जीडीपी का दूसरा अग्रिम अनुमान इस मायने में महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई ने इससे पहले सात प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जताई थी।

रिजर्व बैंक ने वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 2022-23 में 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। चालू वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही में इसके क्रमश: 4.4 प्रतिशत और 4.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद थी।

वित्तवर्ष 2022-23 में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सात प्रतिशत विस्तार का अनुमान लगाया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहने की बात कही है।

Advertisement
First Published - February 28, 2023 | 12:15 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement