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ट्रंप के 25% टैरिफ से भारतीय निर्यातकों में छंटनी का डर, सरकार करेगी बातचीत

नया शुल्क 7 अगस्त से होगा लागू मगर कार्यकारी आदेश में जुर्माने का जिक्र नहीं

Last Updated- August 01, 2025 | 11:25 PM IST
Donald Trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी का व्यापक शुल्क लागू होने से निर्यातकों को बड़े पैमाने पर छंटनी का डर सता रहा है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन के आदेश में रूसी खरीद के लिए ‘जुर्माना’ नहीं लगाया गया है। व्हाइट हाउस के एक कार्यकारी आदेश के अनुसार नए शुल्क 7 अगस्त से लागू होंगे और यूरोपीय संघ के लिए विशेष रियायत को छोड़कर, विश्व व्यापार संगठन के मौजूदा शुल्क के अतिरिक्त लगाए जाएंगे। इस सूची में चीन को शामिल नहीं किया गया है, जिस पर 30 फीसदी शुल्क लागू रहेगा।

7 अगस्त से पहले भेजे गए और 5 अक्टूबर तक अमेरिका पहुंचने वाले भारतीय माल पर 10 फीसदी बुनियादी शुल्क ही लगेगा। मगर वाहन, स्टील और एल्युमीनियम जैसे उत्पादों पर पहले घो​षित क्षेत्रीय शुल्क लगेंगे। इसके अलावा फार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, कच्चे तेल और कोयला जैसे ऊर्जा उत्पाद जैसी छूट प्राप्त श्रेणियां फिलहाल बरकरार रहेंगी।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि त्वरित अनुमान के अनुसार भारत का वस्तु निर्यात वित्त वर्ष 2025 में 86.5 अरब डॉलर से 30 फीसदी घटकर वित्त वर्ष 2026 में 60.6 अरब डॉलर रह सकता है। भारत को अधिकांश देशों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक शुल्क का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि दोनों देश 1 अगस्त की समयसीमा से पहले अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में विफल रहे। कृषि और डेरी क्षेत्रों के लिए अधिक बाजार पहुंच की अमेरिकी जिद के कारण समझौता नहीं हो पाया।

ट्रंप ने 25 फीसदी शुल्क के लिए भारत की ब्रिक्स सदस्यता को आंशिक रूप से जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि रूस के साथ भारत का संबंध भारत-अमेरिका संबंधों में ‘खटास का विषय’ बना हुआ है। विदेश मंत्रालय ने शुल्क की स्थिति पर संतुलित प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज कहा, ‘अमेरिका और भारत की साझेदारी ने कई बदलावों और चुनौतियों का सामना किया है। हम दोनों देशों द्वारा प्रतिबद्ध ठोस एजेंडे पर ध्यान दे रहे हैं और हमें विश्वास है कि ये रिश्ते आगे भी बढ़ते रहेंगे।’

भारतीय परिधान निर्यातकों ने चिंता जताते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए 25 फीसदी शुल्क के कारण विनिर्माण इकाइयों में बड़े पैमाने पर छंटनी हो सकती है। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सरकार की परामर्श प्रक्रिया के तहत शनिवार और रविवार को मुंबई में निर्यातकों से मुलाकात कर सकते हैं।

निर्यातकों के संगठन फियो और अन्य निर्यात संवर्धन परिषदों की आज बैठकें हुईं और वे अगले सप्ताह की शुरुआत में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कर सकते हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि वाणिज्य विभाग ट्रंप के कार्यकारी आदेश का बारीकी से आकलन कर रहा है और उद्योग व अन्य हितधारकों संग बातचीत कर रहा है।

First Published - August 1, 2025 | 11:09 PM IST

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