facebookmetapixel
Advertisement
जुलाई से सितंबर तक 53 कंपनियों के करोड़ों शेयर होंगे अनलॉक, निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?सोना-चांदी में गिरावट, MCX और Comex दोनों पर फिसले दामManipal Health IPO: 8,000 करोड़ रुपये जुटाएगी मणिपाल हेल्थ, SEBI से मिली मंजूरी; चेक करें इश्यू से जुड़ी जरूरी बातेंQ1 से पहले ऑटो, FMCG, फार्मा और सीमेंट निवेशकों के लिए अलर्ट! नुवामा ने क्या कहा?TCS Q1 Results: आज आएंगे टीसीएस के नतीजे, डिविडेंड का भी हो सकता है ऐलान; जानिए क्या हैं ब्रोकरेज की उम्मीदेंStocks To Buy Today: आज खरीदें ये 3 शेयर! Siemens Energy, Chola Fin और EID Parry पर एक्सपर्ट हुए बुलिश; जानें टारगेट और स्टॉप लॉसOpening Bell: हरे निशान में खुला बाजार! सेंसेक्स 100 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,400 के पार; IT और वित्तीय शेयरों में खरीदारीReliance Industries को SEBI की चेतावनी, कर्मचारियों की शेयर खरीद-बिक्री पर उठाए सवालCochin Shipyard OFS: सरकार कोचिन शिपयार्ड में बेचेगी हिस्सेदारी, बाजार भाव से सस्ते में मिलेंगे शेयरStocks To Watch Today: Torrent Pharma, Blue Jet Healthcare, RITES समेत इन शेयरों में आज दिख सकता है एक्शन

आईएफएससी एक्सचेंज से जल्द जुड़ेंगी देसी फर्म: FM सीतारमण

Advertisement

वित्त मंत्री की यह घोषणा भारतीय कंपनियों को विदेश में सीधे सूचीबद्ध होने की इजाजत देने के सरकार का पिछले फैसले के बाद आई है।

Last Updated- July 28, 2023 | 11:11 PM IST
FM Nirmala Sitharaman in Mumbai

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज ऐलान किया कि सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध भारतीय कंपनियां इंटरनैशनल फाइनैंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) के एक्सचेंज पर सीधे सूचीबद्ध हो जाएंगी। इससे भारतीय कंपनियों के लिए वैश्विक पूंजी आसानी से उपलब्ध हो जाएगी और उन्हें अपना मूल्यांकन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री ने कॉरपोरेट डेट मार्केट डेवलपमेंट फंड (सीडीएमडीएफ) और एएमसी रीपो क्लियरिंग लिमिटेड (एआरसीएल) शुरू करने के बाद यहां वित्तीय बाजार के विकास और घरेलू बचत को वित्तीय परिसंपत्तियों में लाने के प्रयासों की सराहना की।

वित्त मंत्री की यह घोषणा भारतीय कंपनियों को विदेश में सीधे सूचीबद्ध होने की इजाजत देने के सरकार का पिछले फैसले के बाद आई है।

उन्होंने कहा, ‘हम अन्य उभरते बाजारों के साथ होड़ ही नहीं कर रहे हैं बल्कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं को निवेश के लिए भी आकर्षित कर रहे हैं। हमें वित्तीय बाजारों तक पहुंच आसान बनाकर इन बाजारों में घरेलू बचत बढ़ाने और मजबूत निवेशक शिकायत व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है।’

विदेश में सीधे सूचीबद्ध होने की इजाजत देने का प्रस्ताव पिछले कुछ समय से विचाराधीन

इसी कार्यक्रम में एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि केंद्र प्रत्यक्ष विदेशी सूचीबद्धता नियमों को जल्द ही अधिसूचित करने की योजना बना रहा है। देसी कंपनियों को विदेश में सीधे सूचीबद्ध होने की इजाजत देने का प्रस्ताव पिछले कुछ समय से विचाराधीन है।

नियामकों ने इस पर काफी सुस्ती दिखाई है क्योंकि उन्हें देसी पूंजी बाजार से रकम बाहर जाने की चिंता है। स्थानीय बाजार में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेशक मौजूद हैं, जिस कारण अधिकतर कंपनियां देसी बाजार में ही बने रहना पसंद करती हैं। जनवरी में टाटा मोटर्स ने अतिरिक्त नियामकीय बोझ का हवाला देते हुए न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज से खुद को हटा लिया था।

विशेषज्ञों ने कहा कि आईएफएससी में सीधे सूचीबद्ध होने की अनुमति से भारतीय कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने का रास्ता खुलेगा। जुलाई के शुरू में एनएसई सिंगापुर एक्सचेंज (एसजीएक्स) से निफ्टी अनुबंधों को गुजरात इंटरनैशनल फाइनैंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में सफलतापूर्वक शामिल करने में कामयाब रहा।

एनएसई आईएक्स गिफ्ट सिटी में कारोबार करने वाले नैशनल स्टॉक एक्सचेंज की एक शाखा है। 25 जुलाई को गिफ्ट निफ्टी डेरिवेटिव्स ने सर्वाधिक 12.4 अरब डॉलर का कारोबार दर्ज किया था। नियामकीय प्रक्रियाओं की समीक्षा पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने सभी वित्तीय नियामकों से नियमों और संपूर्ण निगरानी तंत्र के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए समय-सीमा तय करने को कहा।

मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परामर्श नियमों के निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा होंगे और पुराने मानकों की समीक्षा जरूरी थी। उन्होंने कहा, ‘ऐसी समीक्षाओं को व्यापक और नियामकीय जीवनचक्र का स्थायी हिस्सा बनाना होगा। व्यवसाय करने में आसानी और प्रतिक्रियाशील होने के हित में विभिन्न नियमों के तहत आवेदनों पर निर्णय लेने की समय-सीमा निर्धारित की जानी चाहिए।’

सीतारमण ने कहा कि बाजार नियामकों को जोखिम के प्रति भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए । मंत्री ने प्रस्तावित और मौजूदा नियम एवं गैर-नियामकीय विकल्पों के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों का आकलन करने के लिए ‘रेग्युलेटरी इम्पैक्ट असेसमेंट’ की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘यह प्रमाण आधारित नीति निर्माण का एक महत्वपूर्ण घटक है और मेरा मानना है कि इससे जवाबदेही बढ़ सकेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।’

आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने डेट बैकस्टॉप फंड और एआरसीएल की पेशकश पर कहा कि इन प्लेटफॉर्मों पर कारोबार बढ़ने में समय लग सकता है, लेकिन इन प्रयासों से डेट बाजार के मजबूत विकास को बढ़ावा मिलेगा।

Advertisement
First Published - July 28, 2023 | 11:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement