facebookmetapixel
Editorial: करीब ढाई साल की सुस्ती के बाद भारतीय आईटी उद्योग में सुधार के शुरुआती संकेतभारत की रफ्तार पर IMF का भरोसा, 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर किया 6.4%PNB Q3 Results: बैंक ने कमाया रिकॉर्ड मुनाफा, लाभ 13.1% के उछाल के साथ ₹5,000 करोड़ के पारबजट 2026 को भारत के R&D इकोसिस्टम की सबसे कमजोर कड़ी मजबूत करने पर फोकस करना चाहिए2025 में ध्वस्त हुईं भविष्यवाणियां: अर्थशास्त्री, रणनीतिकार और विदेश नीति के ‘एक्सपर्ट्स’ कैसे चूक गए? ऑफर लेटर के बाद भी नौकरी नहीं! विप्रो में 250 ग्रेजुएट्स की भर्ती लटकी, नाइट्स का गंभीर आरोपकमजोर ग्रोथ गाइडेंस से Wipro के शेयर 8% लुढ़के, ब्रोकरेज ने घटाए टारगेट प्राइसटाइगर ग्लोबल पर अदालती फैसले से ​विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर दबाव के आसार नहींकमजोर तिमाही नतीजों से बाजार दबाव में, सेंसेक्स-निफ्टी 10 हफ्ते के निचले स्तर पर बंदपहले दिन 77% उछला भारत कोकिंग कोल, IPO निवेशकों की हुई जबरदस्त कमाई

Budget Expectation: बजट में कैपेक्स 10-15% बढ़ने की संभावना, प्राइवेट सेक्टर अब भी सतर्क

एक्सपर्ट्स के अनुसार, आगामी बजट में सरकारी पूंजीगत व्यय बढ़ाने के लिए काफी गुंजाइश होगी और सरकार को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए

Last Updated- January 14, 2026 | 6:11 PM IST
Growth

Budget Expectation: प्राइवेट सेक्टर के सतर्क बने रहने के बीच सरकार आगामी बजट में पूंजीगत व्यय (Capital expenditure) पर अपना ध्यान जारी रख सकती है और इसमें मौजूदा 11.21 लाख करोड़ रुपये से 10-15 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, आगामी बजट में सरकारी पूंजीगत व्यय बढ़ाने के लिए काफी गुंजाइश होगी और सरकार को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट एक फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा।

पूंजीगत व्यय में लगभग 10% वृद्धि संभव

पीडब्ल्यूसी (PwC) के भागीदार और आर्थिक सलाहकार सेवा प्रमुख रानेन बनर्जी ने कहा, ”मेरा मानना ​​है कि अर्थव्यवस्था में पूंजीगत व्यय को खपाने की क्षमता बहुत ज्यादा नहीं है। यदि आप इसे रातों-रात 30 फीसदी बढ़ाना चाहते हैं, तो यह नहीं होने वाला है, क्योंकि इसके लिए आपको निर्माण कंपनियों की क्षमता, भारी मशीनरी की क्षमता और बहुत सारी मशीनों की आवश्यकता होती है।”

Also Read: FY26 में 7.5–7.8% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था: डेलॉयट का अनुमान

उन्होंने कहा, ”इसलिए, यह रातों-रात 30 फीसदी नहीं बढ़ सकता। हमारा मानना ​​है कि पूंजीगत व्यय में लगभग 10 फीसदी की वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है और हम लगभग 12,000 अरब रुपये के आवंटन की उम्मीद कर रहे हैं।”

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 के लिए पूंजीगत व्यय के रूप में 11.21 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा था।

प्राइवेट कैपेक्स सभी सेक्टर में एक जैसा नहीं

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के अनुसार प्राइवेट पूंजीगत व्यय के साथ समस्या यह रही है कि यह असमान है, और सभी सेक्टर्स में धीमा नहीं है। सीमेंट और स्टील जैसे पारंपरिक सेक्टर विस्तार के लिए पैसा लगा रहे हैं, क्योंकि यह अतिरिक्त क्षमता बढ़े हुए सरकारी निवेश का परिणाम है, जो प्राइवेट सेक्टर के लिए मांग पैदा कर रहा है।

Also Read: WPI: दिसंबर में थोक महंगाई बढ़कर 0.83% हुई, दो महीने बाद फिर पॉजिटिव

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे नए सेक्टर्स में काफी सकारात्मकता और पूंजीगत व्यय में वृद्धि देखी जा रही है, जबकि निर्यात पर ज्यादा निर्भर सेक्टर्स और आयात से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने वाले सेक्टर ज्यादा चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे हैं। नायर ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में ज्यादा सरकारी पूंजीगत व्यय की दिशा में काफी तेजी देखी जाएगी।

(PTI इनपुट के साथ)

First Published - January 14, 2026 | 6:07 PM IST

संबंधित पोस्ट