पंजाब नैशनल बैंक का वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 13.1 प्रतिशत बढ़कर 5,100 करोड़ रुपये हो गया जबकि यह पिछले वर्ष की समान अवधि में 4,508 करोड़ रुपये था।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में बैंक की गैर-ब्याज आय सालाना आधार पर 47.2 प्रतिशत बढ़कर 5,022 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि पूंजी से जोखिम-भारित संपत्ति अनुपात (सीआरएआर) दिसंबर, 2024 में 15.41 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2025 में 16.77 प्रतिशत हो गया, जो 136 आधार अंक का सुधार दिखाता है।
पीएनबी के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक चंद्रा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यह बैंक के लिए अब तक का सबसे अधिक तिमाही लाभ है और इसका लक्ष्य हर तिमाही में 5,000 करोड़ रुपये से मुनाफा रखना है। कुल आय एक साल पहले के 34,752 करोड़ रुपये से बढ़कर 37,253 करोड़ रुपये हो गई।
इसी तरह शुद्ध एनपीए (गैर निष्पादित आस्तियां) या फंसे हुए ऋण, चूक वाली राशि वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही की समाप्ति पर गिरकर 0.32 प्रतिशत हो गई जबकि यह वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाह में 0.41 प्रतिशत थी। एनपीए अनुपात में गिरावट के बावजूद फंसे ऋण बीते साल के 318 करोड़ रुपये से चार गुना बढ़कर 1,341 करोड़ रुपये हो गया। इस मुद्दे पर चंद्रा ने कहा कि यह वृद्धि ईसीएल दिशानिर्देशों को (अनुमानित ऋण घाटे को छोड़कर) पूरा करने के लिए 955 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान के कारण है। ईसीएल दिशानिर्देश 1 अप्रैल, 2027 से लागू होंगे।
चंद्रा ने तकनीकी रूप से बट्टे खाते में डाले गए खाते से वसूली के बारे में कहा कि एक बड़े खाते में वसूली के कारण पिछले वर्ष की तिमाही में 823 करोड़ रुपये के मुकाबले यह दोगुना होकर 1,956 करोड़ रुपये हो गया है।
पीएनबी का 31 दिसंबर 2025 तक रिटेल, एग्रीकल्चर ऐंड एमएसएमई (रैम) ऋण सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर 6.62 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि यह दिसंबर, 2024 तक 5.96 लाख करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा प्राथमिकता और बारीक ऋण खंडों में स्थिर गति को दर्शाता है। इस बीच नकद-जमा (सीडी) अनुपात 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 74.2 प्रतिशत हो गया जबकि यह एक साल पहले 72.6 प्रतिशत था। यह ऋण में जमा राशि के अधिक कुशल उपयोग और संसाधन जुटाने और ऋण वृद्धि के बीच स्वस्थ संतुलन का संकेत देता है।