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Budget 2024: क्रिप्टो उद्योग की टीडीएस घटाने की मांग

उद्योग संगठन ने यह भी अनुरोध किया है कि वीडीए के स्थानांतरण से होने वाले लाभ पर 30 प्रतिशत की एकसमान कर की भी समीक्षा की जानी चाहिए।

Last Updated- July 11, 2024 | 9:59 PM IST
क्रिप्टो उद्योग की टीडीएस घटाने की मांग, Budget 2024: Crypto industry demands reduction in TDS

क्रिप्टो और वेब3 उद्योग संगठन, भारत वेब3 एसोसिएशन (बीडब्ल्यूए) ने वर्चुअल डिजिटल असेट (वीडीए) के स्थानांतरणों पर स्रोत पर कर (टीडीएस) घटाकर 0.01 प्रतिशत करने की मांग की है, जो अभी 1 प्रतिशत है।

भारत वेब3 एसोसिएशन के चेयरमैन दिलीप शेनॉय ने कहा, ‘हमारा मानना है कि कड़े कराधान ढांचे और विनियमन की कमी के कारण पूंजी का पलायन हुआ है। इससे हाल के वर्षों में भारत के वीडीए क्षेत्र को राजस्व का उल्लेखनीय नुकसान हुआ है। इसकी वजह से वेब3 स्टार्टअप और उद्यमियों को वीडीए के अनुकूल देशों की ओर जाने के लिए बाध्य होना पड़ा है। नियमन की कमी के कारण भारत का वेब3 स्टार्टअप का माहौल बाधित हो रहा है।’

उद्योग संगठन ने यह भी अनुरोध किया है कि वीडीए के स्थानांतरण से होने वाले लाभ पर 30 प्रतिशत की एकसमान कर की भी समीक्षा की जानी चाहिए।

क्रिप्टो निकाय ने आयकर अधिनियम की धारा 194एस के तहत टीडीएस कटौती की राशि की सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 5,00,000 रुपये करने की मांग की है। उद्योग यह भी चाहता है कि वीडीए के हस्तांतरण से होने वाली आमदनी को मौजूदा आय के स्रोतों के बराबर ही माना जाए। बीडब्ल्यूए के सदस्यों में सदस्यों में कॉइनडेक्स, कॉइनस्विच, वजीरक्स, जेबपे, मुड्रेक्स, सनक्रिप्टो, कॉइनबक्स, गिओटस, ट्रांसैक, कोफिनेक्स और कॉइनबेस शामिल हैं।

वित्त वर्ष 2022 के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने किसी भी वर्चुअल डिजिटल संपत्ति के ट्रांसफर पर 30 प्रतिशत कर की घोषणा की थी, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी भी शामिल है। नीति के मुताबिक इस तरह के ट्रांसफर से होने वाली आमदनी की गणना करते समय सिर्फ कमाई की लागत घटाई जा सकती है। साथ ही इन लेनदेन से होने वाली हानि को आगे की गणना में शामिल नहीं किया जा सकता है।

शेनॉय ने कहा, ‘हमने सरकार से साफ सुथरे, उद्योग के अनुकूल नियमन और कर सुधार का अनुरोध किया है। इससे इस उभरते क्षेत्र को सहारा मिलेगा और इससे नए अवसर और राजस्व के स्रोत का सृजन होगा।’

बीडब्ल्यूए ने विदेशी मुद्रा को भी टीडीएस के दायरे में लाने का अनुरोध किया है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने 14 जून को सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से खबर दी थी कि फाइनैंशियल इंटेलिजेंस यूनिट- इंडिया (एफआईयू-इंडिया) को 4 और विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों से भारत में फिर से कामकाज शुरू करने के लिए अनुरोध मिला है। यह एजेंसी संदेहास्पद वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण करने का काम करती है।

भारत ने 2024 की शुरुआत में 9 क्रिप्टो एक्सचेंजों बाइनैंस, कुकॉइन, हुओबी, क्रैकेन, गेट डॉट आईओ, बिटस्टैंप, एमईएक्ससी ग्लोबल, बिट्रेक्स और बिटफेनिक्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। इन एक्सचेंजों पर धन शोधन कानूनों का पालन न करने के आरोप थे। इस समय देश में 46 पंजीकृत क्रिप्टो इकाइयां हैं। कुकॉइन और बाइनैंस के साथ इस तरह की इकाइयों की कुल संख्या 48 होगी।

First Published - July 11, 2024 | 9:59 PM IST

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