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भारत का व्यापार घाटा तीन महीने के उच्च स्तर पर: जनवरी में आयात 19% बढ़कर $71.24 अरब हुआ

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जनवरी 2025 में व्यापार घाटा 23.43 अरब डॉलर और दिसंबर में 25 अरब डॉलर रहा था

Last Updated- February 16, 2026 | 10:32 PM IST
EXport
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

जनवरी में आयात एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 19 फीसदी बढ़कर  71.24 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान सोने के आयात में 4.5 गुना और चांदी के आयात में 2.3 गुना वृद्धि दर्ज की गई। वाणिज्य विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है।

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में निर्यात 0.6 फीसदी की मामूली वृद्धि के साथ 36.56 अरब डॉलर रहा। परिणामस्वरूप व्यापार घाटा बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर 34.68 अरब डॉलर पर पहुंच गया। जनवरी 2025 में व्यापार घाटा 23.43 अरब डॉलर और दिसंबर में 25 अरब डॉलर रहा था।

अमेरिका को किए गए निर्यात में इस दौरान करीब 22 फीसदी की गिरावट आई और वह 6.59 अरब डॉलर रहा। अमेरिका में कई भारतीय वस्तुओं पर 50 फीसदी शुल्क लगाए जाने से निर्यात को झटका लगा।

अमेरिका को हुए निर्यात में गिरावट कुछ श्रम आधारित क्षेत्रों पर दबाव का संकेत है क्योंकि भारी अमेरिकी शुल्क के कारण अनुबंधों पर दबाव आने लगा था। हालांकि इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया गया है जिससे जवाबी शुल्क को घटाकर 18 फीसदी करने का प्रस्ताव है। इससे भारतीय निर्यातकों को काफी राहत मिलेगी।

कुल मिलाकर देखा जाय तो अप्रैल से जनवरी के दौरान अमेरिका को हुए निर्यात में 5.85 फीसदी की वृद्धि हुई और वह 72.46 अरब डॉलर हो गया।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात अब तक सकारात्मक रहा है। उन्होंने आज संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हम चालू वित्त वर्ष में कुल करीब 860 अरब डॉलर के निर्यात तक पहुंच जाएंगे।

जनवरी में सेवाओं का निर्यात 26.3 फीसदी बढ़कर 43.9 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान सेवाओं का आयात भी 17.3 फीसदी बढ़कर 19.6 अरब डॉलर हो गया। ऐसे में 24.3 अरब डॉलर का अधिशेष दर्ज किया गया। हालांकि जनवरी के लिए सेवाओं का व्यापार आंकड़ा महज अनुमान है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बाद में जारी आंकड़ों के आधार पर संशोधित किया जाएगा।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि जनवरी में भारत का वस्तु आयात अप्रत्याशित रूप से एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 19.2 फीसदी बढ़ गया, जो अक्टूबर 2025 में दर्ज 76.1 अरब डॉलर के बाद दूसरा सबसे अधिक मासिक आंकड़ा है। उन्होंने कहा, ‘यह उछाल पूरी तरह सोने के आयात के कारण दर्ज की गई जो जनवरी 2025 में 2.7 अरब डॉलर से बढ़कर 12.1 अरब डॉलर हो गया। मगर तेल का आयात पिछले साल के मुकाबले स्थिर रहा।’

वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव सुचिंद्र मिश्रा ने कहा कि अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान सोने के आयात में मूल्य के लिहाज से 1.83 फीसदी की वृद्धि हुई। इसकी मुख्य वजह कीमतों में 24.62 फीसदी की वृद्धि रही क्योंकि आयात की मात्रा में 18.29 फीसदी की गिरावट आई है।

जनवरी में सोने का आयात 349.22 फीसदी बढ़कर 12.07 अरब डॉलर हो गया, जबकि चांदी का आयात 127 फीसदी बढ़कर 2 अरब डॉलर हो गया। वाणिज्य विभाग के विश्लेषण के अनुसार, वित्त वर्ष 2019 में सोने का आयात 32.9 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 58 अरब डॉलर हो गया। इस प्रकार 6 वर्षों के दौरान सोने में 76 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। मगर इस दौरान सोने के आयात की मात्रा 982.7 टन से घटकर 757.1 टन रह गई जो 23 फीसदी कम है।

गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात को आम तौर पर निर्यात की सेहत का संकेत माना जाता है।

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First Published - February 16, 2026 | 10:32 PM IST

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