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टीसीएस दूसरी मूल्यवान कंपनी

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Last Updated- December 14, 2022 | 11:04 PM IST

दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) आज भारत में 10 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण का आंकड़ा पार करने वाली दूसरी कंपनी बन गई। यह मुकाम हासिल करने वाली पहली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।
टाटा समूह को मोटी कमाई देने वाली इस कंपनी का बाजार पूंजीकरण आज 7.3 फीसदी बढ़कर 10.16 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स आज 0.7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।
सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि टीसीएस का मौजूदा मूल्यांकन पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक है। सोमवार को शेयर बंद होने के हिसाब से टीसीएस का प्राइस टू अर्निंग (पीई) गुणक 32.6 गुना है। यह मार्च 2005 के बाद सबसे अधिक है। उस समय इसका मूल्यांकन अपनी आमदनी का करीब 35 गुना था।
यह तेजी टीसीएस और अन्य आईटी कंपनियों के सितंबर 2020 तिमाही में अनुमान से बेहतर नतीजे देने की संभावना और कंपनी के शेयर बायबैक योजना से आई है। इसकी तुलना में इस साल मार्च के अंत में देश की इस शीर्ष सॉफ्टवेयर निर्यातक का पीई 21.2 गुना और दिसंबर 2019 के अंत में 25 गुना था।
टीसीएस का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 2004 में आया था। यह उस साल अगस्त मेंं एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध हुई थी। उस समय कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 52,000 करोड़ रुपये था और इसका पीई 34 गुना था।
अब आईबीएम को पीछे छोड़कर टीसीएस बाजार पूंजीकरण के लिहाज से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी बन गई है। यह एक्सेंचर से मामूली नीचे है, लेकिन आईबीएम से काफी आगे है। इस समय टीसीएस का एक्सचेंजों पर मूल्यांकन 139 अरब डॉलर है। वहीं एक्सेंचर का मौजूदा बाजार पूंजीकरण 142 अरब डॉलर और आईबीएम का 108 अरब डॉलर है। टीसीएस का बाजार पूंजीकरण तीन साल पहले आईबीएम का करीब आधा था और एक्सेंचर से 20 फीसदी कम था। टीसीएस और इन्फोसिस तथा विप्रो जैसी अन्य आईटी कंपनियों का सितंबर की शुरुआत से एक्सचेंजों पर सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा है।
टीसीएस का शेयर सितंबर से 20 फीसदी चढ़ चुका है, जबकि इस दौरान विप्रो का शेयर 23 फीसदी और इन्फोसिस का 13 फीसदी उछला है। इस दौरान देश की शीर्ष पांच आईटी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 18 फीसदी चढ़ा है।
स्टॉक एक्सचेंजों में मार्च के बाद जो तेजी आई है, उसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद आईटी कंपनियों का सबसे अधिक योगदान रहा है। इस साल मार्च के अंत से टीसीएस का बाजार पूंजीकरण करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है। यह इस अवधि में करीब 49 फीसदी बढ़ा है।
इस साल मार्च के अंत से सभी निफ्टी 50 कंपनियों के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में हुई बढ़ोतरी में टीसीएस का हिस्सा 13.2 फीसदी रहा है। इस अवधि के दौरान सूचकांक में शामिल कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 37 फीसदी या 25 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है। इस अवधि के दौरान सूचकांक की बढ़त में एक-तिहाई हिस्सेदारी के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज का सबसे अधिक योगदान रहा है। इसका बाजार पूंजीकरण इस साल मार्च से 112 फीसदी या 7.9 लाख करोड़ रुपये बढ़ चुका है। मार्च के अंत से पांच बड़ी आईटी कंपनियों का संयुक्त रूप से बाजार पूंजीकरण 7.14 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है, जिनका सूचकांक में 29 फीसदी हिस्सा रहा है।

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First Published - October 5, 2020 | 11:07 PM IST

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