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SBI Card के कमजोर तिमाही नतीजे, शेयर में गिरावट – ब्रोकरेज ने घटाई रेटिंग

वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में एसबीआई कार्ड की ऋण लागत बढ़कर 9.4 फीसदी हुई

Last Updated- January 29, 2025 | 11:12 PM IST
SBI Card will charge 1% extra on certain transactions from Nov

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) समर्थित एसबीआई कार्ड्स ऐंड पेमेंट सर्विसेज (एसबीआई कार्ड) ने एक बार फिर से नरम तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया। इस कारण दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद इस शेयर पर विश्लेषकों का उत्साह फीका है। दलाल पथ पर एसबीआई कार्ड का शेयर दिन के कारोबार में 6 फीसदी गिरकर 712.15 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। हालांकि आखिर में थोड़ा संभलते हुए 0.57 फीसदी तक की तेजी के साथ 763 रुपये पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.83 फीसदी बढ़ा।

विश्लेषकों के अनुसार एसबीआई कार्ड का मुनाफा वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में कमजोर रहा। उस पर ऊंची ऋण लागत, सुस्त मार्जिन, शुल्क आय पर नियामकीय चुनौतियों का दबाव पड़ा। इस शेयर के लिए एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने रेटिंग ‘जोड़ें’ से बदलकर ‘घटाएं’ कर दी है और कीमत लक्ष्य भी 690 रुपये से घटाकर 637 रुपये कर दिया है।.

ब्रोकरेज का मानना है, ‘प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के दौरान देनदारियों में गिरावट का संकेत दिया है और उम्मीद है कि ऋण लागत मौजूदा स्तर से कम हो जाएगी। हालांकि, हमें उम्मीद है कि महामारी से पहले के स्तरों की तुलना में ऋण लागत ऊंचे स्तर (लगभग 7 प्रतिशत) पर बनी रहेगी।’

वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में एसबीआई कार्ड की ऋण लागत बढ़कर 9.4 फीसदी हो गई, जो दूसरी तिमाही में 9 फीसदी थी। एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज ने अपनी घटाएं रेटिंग बरकरार रखते हुए कहा, ‘प्रबंधन का मानना है कि ये एसबीआई कार्ड के क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो में दबाव के शुरुआती संकेत हैं।

हालांकि, हम सतर्क रहना पसंद करेंगे और रुझान के उलट होने का संकेत देने के लिए वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के रुझानों पर ध्यान देंगे। धीमी वृद्धि/शुल्क को ध्यान में रखते हुए हमने वित्त वर्ष 2025/वित्त वर्ष 2026 के लिए आय अनुमान में 14 प्रतिशत/3 प्रतिशत की कटौती की है।’ एमके ग्लोबल फाइनैंशियल ने हालांकि एसबीआई कार्ड के लिए कीमत लक्ष्य दिसंबर 2025 के लिए बढ़ाकर 750 रुपये कर दिया है। कंपनी प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2025 के लिए लागत-आय अनुपात 52-55 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान जताया है। प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2026 में 12-15 फीसदी की ऋण वृद्धि का संकेत दिया है।

आय अपग्रेड और मूल्यांकन रेटिंग में बदलाव के लिए मुख्य कारक ऋण लागत अनुमान के मुकाबले जल्द सामान्य होना और दर चक्र के आसान होने से फंडिंग लागत में कमी आना है।

परिसंपत्ति गुणवत्ता

प्रबंधन के अनुसार स्टेज 2 और स्टेज 3 की संरचना में कमी और चूक में सुधार के साथ बेहतर परिसंपत्ति मिश्रण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक बदलाव वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में जारी रहने की उम्मीद है। तिमाही के लिए सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (जीएनपीए) 3 आधार अंक की गिरावट के साथ 3.24 प्रतिशत रह गईं, तथा प्रबंधन को जीएनपीए में और सुधार की उम्मीद है।

First Published - January 29, 2025 | 11:12 PM IST

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