facebookmetapixel
मोतीलाल ओसवाल MF का नया फ्लेक्सी कैप पैसिव FoF, शुरुआती निवेश 500 रुपये; कहां-कैसे लगेगा आपका पैसाHDFC बैंक में दो दिन में 4.5% गिरावट, निवेशकों के लिए चेतावनी या मौका? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट₹90 से ₹103 तक? Modern Diagnostic IPO की लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट में दिखा बड़ा संकेतCCI रिपोर्ट में खुुलासा: TATA-JSW-SAIL समेत 28 कंपनियों ने स्टील की कीमतें तय करने में सांठगांठ की2026 का IPO कैलेंडर: Jio से Coca-Cola तक, 9 बड़े नाम बाजार में एंट्री को तैयारSBI की उड़ान जारी: मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ के करीब, ब्रोकरेज ने कहा- ₹1,120 तक जा सकता है भाववेनेजुएला को तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए 2040 तक 183 अरब डॉलर निवेश की जरूरतBudget 2026: चावल निर्यातकों ने बजट में कर, ब्याज और ढुलाई में राहत की मांग कीरूसी तेल की अफवाहों पर Reliance का पलटवार, कहा- खबरें ‘पूरी तरह से झूठी हैं’LIC Scheme: 10वीं पास महिलाओं के लिए खास स्कीम, हर महीने ₹7,000 तक की कमाई का मौका

भारत में 2025 तक पेश कर सकते हैं ईवी, प्लग-इन हाइब्रिड: राजीव चौहान

चीनी वाहन विनिर्माता की भारतीय सहायक कंपनी बीवाईडी इंडिया साल 2025 से हर साल अपनी बिक्री को दोगुना करना चाहती है।

Last Updated- September 12, 2024 | 11:05 PM IST
EV, plug-in hybrid can be introduced in India by 2025: Rajiv Chauhan भारत में 2025 तक पेश कर सकते हैं ईवी, प्लग-इन हाइब्रिड: राजीव चौहान

चीनी वाहन विनिर्माता की भारतीय सहायक कंपनी बीवाईडी इंडिया साल 2025 से हर साल अपनी बिक्री को दोगुना करना चाहती है। दीपक पटेल के साथ बातचीत में बीवाईडी इंडिया में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों के प्रमुख राजीव चौहान ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी पेश करने जा रही है और प्लग इन हाइब्रिड पेश करने पर भी विचार कर रही है। इसके अलावा, बीवाईडी अपने टच प्वाइंट के विस्तार की योजना भी बना रही है, जिसका लक्ष्य अगले 6 से 8 महीनों में दोगुना करने का है। मुख्य अंशः

इस साल बिकने वाले वाहनों की संख्या में कैसी वृद्धि की उम्मीद है?

पिछले साल हमने 2,500 इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री की है। हम भारत की इकलौती कंपनी हैं जो सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री करती है, इसलिए पिछले साल का आंकड़ा हमारे लिए विश्वास बढ़ाने वाला है। इस साल (कैलेंडर वर्ष) का दो तिहाई हिस्सा बीत चुका है और हमने अब तक करीब 2,000 कार बेचे हैं। हम शायद इस साल के अंत तक 3,500 से 4,000 कार बेंचेंगे, जो एक साल पहले के मुकाबले 30 फीसदी की वृद्धि होगी। साल 2024 में हमारी बिक्री का करीब 25 फीसदी हिस्सा सील सेडान से आया और शेष हिस्सेदारी अट्टो 3 की रही, जो एक मध्यम आकार की एसयूवी है।

अब आप यहां से किस कार श्रेणी को आगे लेकर चलना चाहेंगे?

हम दो सीमाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं। हम पता लगा रहे हैं कि क्या हमें 40 से 45 लाख रुपये तक वाली एसयूवी पेश करनी चाहिए या फिर 20 से 25 लाख रुपये तक वाली एसयूवी बाजार में ला सकते हैं। जो भी व्यवसाय हमें मजबूत बनाएगा हम उसी पर ध्यान देंगे, इस पर फैसला करने के लिए हमारा पास साल के अंत तक का वक्त है।

फिलहाल 15 से 25 लाख रुपये वाली श्रेणी में होड़ काफी ज्यादा है?

आप सही कह रहे हैं। 15 से 25 लाख वाली श्रेणी में तगड़ी होड़ है। वहीं दूसरी ओर 40 से 50 लाख रुपये वाली श्रेणी पर लगभग कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। इसलिए हमें यह सोचना होगा कि हम तगड़ी होड़ में शामिल हों अथवा कम गाड़ियां बेचकर एक उच्च स्तर यानी 40 से 50 लाख रुपये वाली श्रेणी में एक बड़ा ब्रांड बनें। इसलिए, यह निर्णय एक बेहतर शोध पर ही आधारित होना चाहिए। यह इस साल के अंत तक पता लग जाएगा।

आगे जाकर क्या आप खुद को भारत में प्रीमियम कार विनिर्माता के तौर पर देखना चाहते हैं?

हम फिलहाल खुद को एक प्रीमियम ब्रांड ही मानते हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या हमें ऐसे करते रहना चाहिए या फिर बड़े पैमाने पर बाजार में उतरना चाहिए। मुझे निजी तौर पर ऐसा लगता है कि हमें अपने ब्रांड और उसकी उत्कृष्ट तकनीक के बारे में आमलोगों को बताने के लिए भारत में काफी काम करना होगा और उसके बाद ही हम बड़े बाजार में कार बेच सकते हैं। यह एक बड़ा परिवर्तन हो सकता है। मगर इलेक्ट्रिक वाहन के बाजार में तगड़ी होड़ है।

साल 2025 की पहली और दूसरी तिमाही में मारुति, ह्युंडै जैसी कई कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन के बाजार में उतरी हैं। इसलिए शायद हम स्थिति के आधार पर तत्काल इस बड़े बाजार में उतर सकते हैं।

आपकी सेल्स टच प्वाइंट- डीलरशिप और सर्विस वर्कशॉप देश के 23 शहरों में हैं। क्या संख्या बढ़ाने की कोई योजना है?

हमारे पास एक मजबूत योजना है। फिलहाल हमारे पास देश के 23 शहरों में 27 डीलरशिप और 20 वर्कशॉप हैं। उनमें से करीब 75 फीसदी टच प्वाइंट बड़े शहरों में हैं शेष मझोले शहरों में हैं। अगले छह से आठ महीनों में अपने टच प्वाइंट की संख्या दोगुना करना चाहते हैं और 40 से 45 शहरों तक पहुंचना चाहते हैं। यह विस्तार मुख्य तौर पर मझोले शहरों में होगा। इससे ही लोग बीवाईडी को ब्रांड के तौर पर जानेंगे।

आप डीलरशिप की संख्या दोगुनी कर रहे हैं। क्या आप उसके अनुसार अपनी मात्रात्मक बिक्री को भी दोगुना कर पाएंगे?

बिल्कुल, हमें उस गति से तालमेल बिठाना होगा। अगर हम अपने नेटवर्क को दोगुना कर रहे हैं, तो साल 2025 में हमारी अपनी मात्रात्मक वृद्धि 2.2 गुना होनी चाहिए। हमने अपने लिए कोई लक्ष्य तय नहीं किया है मगर हम अल्पावधि के लिए कुछ वर्षों तक हर साल अपनी बिक्री को दोगुना करना चाहते हैं।

क्या आप भारत में विनिर्माण के लिए एमजी जैसे संयुक्त उद्यम की योजना बना रहे हैं?

मुझे लगता है कि इस बारे में हम आपको कुछ भी स्पष्ट तौर पर नहीं बता पाएंगे। लेकिन, हां कुछ चर्चाएं जरूर चल रही हैं। ये काफी समय से चल रही है। मगर इसका कोई नतीजा नहीं निकला है।

भारत में पिछले तीन से चार महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री नहीं बढ़ रही है। आप इसे कैसे देखते हैं?

दो-चार महीनों के आंकड़ों से यह नहीं कहा जा सकता है कि इलेक्ट्रिक वाहन बाजार गिर रहा है। हमें इस साल के आठ महीनों के आंकड़े देखेंगे तो पाएंगे कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ रही है। दूसरी बात यह भी है कि भारतीय कार बाजार में विकल्पों की संख्या भी सीमित है। कल (बुधवार) भी एक इलेक्ट्रिक वाहन (जेएसडब्ल्यू एमजी का विंडसर) पेश किया गया है। हमारी पेशकश ग्राहकों को एक और विकल्प देगी। ग्राहकों को बड़े विकल्प अगले साल से मिलेंगे जब मारुति, ह्युंडै, किआ जैसी उद्योग की दिग्गज कंपनियां अपना पहला इलेक्ट्रिक वाहन पेश करेंगी। तब भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री साल 2025 में दोगुनी हो सकती है।

First Published - September 12, 2024 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट