facebookmetapixel
Advertisement
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के अगले चरण की तैयारी, 10,000 सर्किट किमी ट्रांसमिशन नेटवर्क बनेगापश्चिम एशिया संकट से सबक, भारत को मजबूत करने होंगे तेल भंडार और घरेलू उत्पादनकैबिनेट ने ₹23,731 करोड़ की गोबरधन योजना को दी मंजूरी, CBG उत्पादन बढ़ाने पर जोरविकसित भारत के लिए 21 साल तक 9.25% विकास दर जरूरी: अशोक लाहिड़ी भारत के ई20 लक्ष्य पर ब्राजील का भरोसा, जैव ईंधन को बताया पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए जरूरीउदारीकरण के 35 साल: भारत ने चीन से पहले दवा बनानी शुरू की लेकिन अब चीन वर्षों आगेतकनीक के सहारे बाजार सुधार पर जोर, सेबी लाएगा सेतु पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टमनजारा टेक्नॉलजीज ने तरजीही इश्यू से 733.5 करोड़ रुपये जुटाए, नए CEO रेमंड स्टॉफर करेंगे सबसे बड़ा निवेशम्युचुअल फंड कंपनियों की नई रणनीति, अलग-अलग थीम पर फोकस करेंगी नई स्कीमेंरक्षा शेयरों का जलवा: जून तिमाही में 2.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ा मार्केट कैप, लंबी अवधि में ग्रोथ की उम्मीद

अब 40 रुपये में 600 के बजाय 740 मिली लीटर पिएं कोल्ड ड्रिंक

Advertisement

कोला क्षेत्र की इन दिग्गज कंपनियों का यह कदम अप्रैल-जून तिमाही में अनियमित गर्मियों के कारण बिक्री पर पड़े असर के बाद आया है।

Last Updated- August 19, 2025 | 10:08 PM IST
पारा बढ़ने से बेवरेज कंपनियां खुश, कोल्ड ड्रिंक और AC की बिक्री 40 फीसदी बढ़ने की उम्मीद Beverage, air conditioner sales may jump up to 40% as mercury surges

त्योहारों का मौसम शुरू होते ही एरेटेड बेवरेज कंपनियां इस क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ एक जैसी कीमत पर ज्यादा मात्रा में उत्पाद पेश कर सकारात्मक उपभोक्ता धारणा का फायदा उठा रही हैं। पेप्सीको इंडिया अब 40 रुपये में 600 के बजाय 740 मिली लीटर पेश कर रही है और कोका-कोला इंडिया भी कोका-कोला, थम्सअप और स्प्राइट में ऐसा ही किया है।

नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर एक खुदरा दुकानदार ने कहा कि हाल ही में बड़ी बोतलें बाजार में आने लगी हैं। उन्होंने बताया कि दोनो कंपनियां बीते कुछ महीनों में अपनी स्टॉक कीपिंग यूनिट्स (एसकेयू) की मात्रा बढ़ा रही है। हालांकि, पेप्सिको इंडिया और कोका-कोला इंडिया ने कीमत बरकरार रखते हुए बड़े एसकेयू पेश करने के बारे में बिज़नेस स्टैंडर्ड के ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया।

कोला क्षेत्र की इन दिग्गज कंपनियों का यह कदम अप्रैल-जून तिमाही में अनियमित गर्मियों के कारण बिक्री पर पड़े असर के बाद आया है। जून में समाप्त तिमाही में आमतौर पर मांग अधिक होती है और कंपनियों की बिक्री का सबसे बड़ा हिस्सा इसी तिमाही में आता है।

 

Advertisement
First Published - August 19, 2025 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement