facebookmetapixel
दीपिंदर गोयल ने Eternal CEO पद से दिया इस्तीफा; अलबिंदर सिंह धिंडसा को मिली कमानजमीन सौदों में MMR की बादशाहत, 2025 में 500 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदीWhiteOak MF लाया नया कंजम्प्शन फंड, ₹100 की छोटी SIP से बड़ी ग्रोथ का मौका?Cabinet Decision: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक जारी रहेगी, कैबिनेट से मंजूरी; सरकारी सहायता भी बढ़ीAU SFB share: दमदार Q3 के बावजूद 3% टूटा, अब खरीदने पर होगा फायदा ? जानें ब्रोकरेज का नजरिया₹535 से ₹389 तक फिसला Kalyan Jewellers का स्टॉक, क्या अभी और गिरेगा? जानें क्या कह रहे चार्टGroww ने लॉन्च किया Groww Prime, म्युचुअल फंड निवेश होगा अब ज्यादा स्मार्ट और आसान!Cabinet Decision: SIDBI को ₹5,000 करोड़ का इक्विटी सपोर्ट, MSME को मिलेगा सस्ता कर्जStocks To Buy: मार्केट क्रैश में खरीदारी का मौका, बोनांजा की पसंद 3 पीएसयू बैंक शेयर; 27% तक अपसाइड34% रिटर्न दे सकता है ये IT स्टॉक, Q3 में 18% बढ़ा मुनाफा; ब्रोकरेज ने कहा- सही मौका

9 सड़क परियोजनाएं बेचेगी मैक्वायरी; क्यूब, ए​क्टिस, केकेआर और सेकुरा अ​धिग्रहण की दौड़ में

Last Updated- April 16, 2023 | 10:20 PM IST
road projects

कई प्राइवेट इ​क्विटी और बुनियादी ढांचा निवेश फर्में सिडनी के मैक्वायरी समूह की 9 राजमार्ग परियोजनाओं को खरीदने की दौड़ में शामिल हैं। क्यूब हाईवेज, इडलवाइस समूह का सेकुरा इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड और प्राइवेट इक्विटी फर्में ए​क्टिस और केकेआर ने 1 अरब डॉलर की लागत वाली इन परियोजनाओं को खरीदने में प्रारं​भिक दिलचस्पी दिखाई है।

एक बैंकर ने कहा कि 680 किलोमीटर लंबी ये परियोजनाएं आंध्र प्रदेश और गुजरात में हैं। उन्होंने कहा कि मैक्वायरी संभावित खरीदारों के साथ बातचीत कर रहा है। बैंकर ने कहा, ‘ब्याज दरों में बढ़ोतरी और कोविड के कारण यातायात कम होने से सड़क संप​त्तियों को अच्छा मूल्यांकन नहीं मिल रहा है।’

इस बारे में जानकारी के लिए मैक्वायरी को शुक्रवार को ईमेल भेजा गया था लेकिन कोई जवाब नहीं आया। केकेआर, क्यूब हाईवेज, ए​क्टिस और इडलवाइस ने भी कोई टिप्पणी नहीं की।

मैक्वायरी ऐसेट मैनेजमेंट भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश करने वाली शुरुआती कंपनियों में से एक है। पिछले साल उसने गुजरात टोल रोड्स पोर्टफोलियो (GRICL) में अपनी 56.8 फीसदी और आंध्र प्रदेश टोल रोड्स पोर्टफोलियो (STPL) में 100 फीसदी हिस्सेदारी 3,110 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य पर बेच दी थी। 972 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना को अदाणी के ​हाथों बेचा गया था। इस सड़क के लिए टोल वसूली अव​धि काफी ज्यादा है और प​श्चिमी तथा द​क्षिण भारत के यातायात गलियारे में ​स्थित इस सड़क पर यातयात का दबाव भी अच्छा-खासा है।

मार्च 2018 में मैक्वायरी ने 648 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रबंधन का अ​धिकार हासिल किया था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्रा​धिकरण (NHAI) द्वारा निर्मित इस सड़क के लिए ​अन्य निवेशकों ने 9,681 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। बोली हा​सिल करने वाले को 30 साल के लिए परिचालन और रखरखाव के साथ टोल संग्रह के अधिकार का अनुबंध मिला था। अब वह इन परिसंप​त्तियों के प्रबंधन के लिए कंपनियों से बोलियां मंगाई हैं। इनमें से पांच सड़क परियोजनाएं आंध्र प्रदेश हैं और बाकी गुजरात में हैं।

9 विशेष उद्देश्यीय इकाइयां (special purpose vehicles- SPV) NHAI द्वारा मार्च 2018 में आवंटित टोल-परिचालन-हस्तांतरण (toll-operate-transfer- TOT) पैकेज का हिस्सा हैं।

पिछले हफ्ते प्राइवेट इ​क्विटी फर्म केकेआर ने हैदराबाद के नवयुग समूह के कुंडापुर और उडुप्पी के बीच 75 किलोमीटर लंबे टोल रोड को 924 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य पर खरीदा था। नवयुग उडुप्पी टोल रोड मंगलूरु-केरल सीमा के बीच 15 किलोमीटर की एक छोटी सड़क का भी परिचालन करती है। पिछले साल जून में ए​​क्टिस ने वेलस्पून से 6,000 करोड़ रुपये में 6 सड़क परियोजनाएं अ​धिग्रहीत की थीं।

इंडिया रेटिंग्स के अनुसार कोविड महामारी के दो साल के दौरान मार्जिन काफी कम हो गया था और सड़क परियोजनाओं में इस वित्त वर्ष से सुधार आने की उम्मीद है क्योंकि नए अनुबंध संशो​धित कीमत पर किए गए हैं। लेकिन प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सड़क परियोजनाओं के मार्जिन में सुधार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

First Published - April 16, 2023 | 6:45 PM IST

संबंधित पोस्ट