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गोपालपुर पोर्ट्स पर JSW infra की नजर, SP ग्रुप से कर रही बात

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JSW इंफ्रास्ट्रक्चर ओडिशा स्थित गोपालपुर पोर्ट्स को एक रणनीतिक बंदरगाह के रूप में देखता है जो उसके स्टील मैन्युफैक्चरिंग कार्यों के लिए पूरक होगा।

Last Updated- October 26, 2023 | 10:03 AM IST
JSW Infra

JSW Infrastructure शापूरजी पालोनजी (SP) ग्रुप की बंदरगाह शाखा, गोपालपुर पोर्ट्स (Gopalpur Ports) को 3,000 करोड़ रुपये के अनुमानित एंटरप्राइज वैल्यू पर खरीदने के लिए बातचीत कर रही है, जिसमें कंपनी का कर्ज भी शामिल है। इकॉनोमिक टाइम्स ने इस मामले से परिचित सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी।

JSW इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गोपालपुर पोर्ट्स अहम

इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि SP के प्रमोटरों, मिस्त्री परिवार ने फाइनैंसरों के साथ किए गए ऋण समझौतों के तहत प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए यूनिट का विनिवेश किया जा रहा है। अनुबंध के अनुसार, SP ग्रुप ने अगले साल 31 मार्च तक यूनिट को बेचने की प्रतिबद्धता जताई है।

JSW इंफ्रास्ट्रक्चर ओडिशा स्थित गोपालपुर पोर्ट्स को एक रणनीतिक बंदरगाह के रूप में देखता है जो उसके स्टील मैन्युफैक्चरिंग कार्यों के लिए पूरक होगा। बता दें कि JSW इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर इस महीने की शुरुआत में ही शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हुए थे।

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निजी बंदरगाह ऑपरेटरों में JSW इंफ्रास्ट्रक्चर दूसरे नंबर पर

गोपालपुर पोर्ट्स ओडिशा के गोपालपुर शहर में सभी मौसम के लिए डीप-ड्राफ्ट बंदरगाह ऑपरेट करता है, जो रणनीतिक रूप से भारत के पूर्वी तट पर प्रसिद्ध पारादीप (Paradip) और विजाग बंदरगाहों (Vizag ports) के बीच स्थित है। यह लौह अयस्क कार्गो (iron ore cargo) को संभालने में माहिर है, जो JSW इंफ्रास्ट्रक्चर के स्टील बिजनेस में एक प्रमुख कच्चा माल है।

JSW इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में निजी बंदरगाह ऑपरेटरों के बीच अदाणी पोर्ट्स के बाद दूसरे स्थान पर है। अदाणी ओडिशा के धामरा में एक बंदरगाह भी संचालित करता है।

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JSW इंफ्रास्ट्रक्चर ने IPO के माध्यम से 2,800 करोड़ जुटाए

कंपनी ने सितंबर में IPO के माध्यम से 2,800 करोड़ जुटाए। JSW इंफ्रास्ट्रक्चर के IPO को 37 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिससे संस्थागत और खुदरा निवेशकों ने इसमें रुचि दिखाई।

JSW इंफ्रास्ट्रक्चर ने 2002 में गोवा के मोर्मुगाओ में अपनी पहली बंदरगाह रियायत हासिल की। 31 दिसंबर 2022 तक इसके पास नौ बंदरगाह रियायतें थीं। कंपनी की कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़कर 153 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई है।

यह पश्चिमी तट जैसे गोवा और कर्नाटक के साथ-साथ पूर्वी तट जैसे ओडिशा और तमिलनाडु पर प्रमुख बंदरगाहों पर टर्मिनल संचालित करता है।

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First Published - October 26, 2023 | 10:03 AM IST

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