खुदरा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स (डीमार्ट) के शेयर सितंबर की शुरुआत से 22 फीसदी गिरकर नौ महीनों के निचले स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। कंपनी के शेयरों को लेकर कमजोर धारणा का कारण सेम स्टोर सेल्स (एसएसएस) में गिरावट, क्विक कॉमर्स कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा से दबाव और नए स्टोर खोलने की धीमी गति है।
लिहाजा, आय अनुमानों में कटौती हुई है। ब्रोकरेज फर्मों ने भी शेयरों की रेटिंग घटा दी है। गिरावट के बावजूद शेयर वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित आय के 68-75 गुना पर कारोबार कर रहा है। अगर परिचालन संबंधी आंकड़े बेहतर नहीं होते हैं या स्टोरों की संख्या में वृद्धि नहीं होती है तो शेयर का प्रदर्शन खराब बना रह सकता है।
एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग के अभिजीत कुंडु की अगुआई में विश्लेषकों का मानना है कि डीमार्ट के प्रदर्शन के लिए निगरानी योग्य जो प्रमुख कारक होंगे, उनमें बेहतर मार्जिन वाले आम सामान और परिधानों की बिक्री में सुधार, स्थापित स्टोरों/एसएसएस की वृद्धि में सुधार और ऑनलाइन किराना से प्रतिस्पर्धा का मुकाबला करने की उसकी क्षमता है।
कंपनी की सेम स्टोर सेल्स में वृद्धि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में 8.4 फीसदी से घटकर वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 6.8 फीसदी रह गई। एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग का कहना है कि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में अपेक्षाकृत कम 5.5 फीसदी के आधार के बावजूद वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में एसएसएस वृद्धि 6.8 फीसदी रही।
कोटक सिक्योरिटीज का मानना है कि पुराने स्टोर और नए स्टोरों के खुलने की धीमी गति भी एसएसएस की वृद्धि को प्रभावित कर सकती है। ब्रोकरेज फर्म की गरिमा मिश्रा और इशानी स्वैन बताती हैं कि कुल स्टोरों के अनुपात में डीमार्ट के पुराने स्टोरों का अनुपात लगातार बढ़ रहा है।
वित्त वर्ष 2020 में डीमार्ट के 214 स्टोरों में से 131 तीन साल से अधिक पुराने थे, जो कुल स्टोरों का 61 फीसदी हैं। वित्त वर्ष 2025 में यह अनुपात बढ़कर 68 फीसदी हो गया और आगे भी बढ़ता रह सकता है, जब तक कि कंपनी अपने स्टोरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं करती। उनका कहना है कि पुराने स्टोरों में आमतौर पर एसएसएसजी (सेम स्टोर सेल ग्रोथ) की दर धीमी हो जाती है क्योंकि उनका लक्षित क्षेत्र सीमित हो जाता है और ग्राहकों का खर्च चरम पर पहुंचने लगता है, जिससे नए स्टोर खोलना महत्त्वपूर्ण हो जाता है।
ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2026-28 के लिए एसएसएस के अपने वृद्धि अनुमानों में कटौती की है। लिहाजा, इस अवधि में राजस्व में 1 से 3 फीसदी और प्रति शेयर आय अनुमानों में 3 से 7 फीसदी की कमी आई है। फर्म ने शेयर पर अपनी बिकवाली रेटिंग बरकरार रखी है और लक्षित कीमत 3,570 रुपये तय की है।
कई ब्रोकरेज फर्मों ने बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डीमार्ट पर इसके प्रभाव को उजागर किया है। गोल्डमैन सैक्स रिसर्च का अनुमान है कि एवेन्यू सुपरमार्ट्स के लिए प्रतिस्पर्धा निकट भविष्य में भी ज्यादा बनी रह सकती है। इससे वृद्धि और मार्जिन पर और असर पड़ सकता है। उसका कहना है कि जिस रफ्तार से क्विक कॉमर्स वृद्धि कर रही हैं और नए दौर के फंड जुटा रही हैं, उससे कंपनी के प्रति उसका सतर्क रुख जायाज ठहरता है। क्विक कॉमर्स उद्योग सितंबर 2025 तक शुद्ध ऑर्डर मूल्य (एनओवी) में 12-13 अरब डॉलर का सालाना राजस्व दर्ज कर रहा है जो पिछले 12 महीनों में 100 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 2030 के लिए उद्योग का अनुमानित एनओवी 50 अरब डॉलर है, जिसका अर्थ है 40 फीसदी की सालाना वृद्धि।
इसके अलावा, स्विगी ने 1.1 अरब डॉलर तक की पूंजी जुटाने की घोषणा की है। जेप्टो ने 45 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। इससे प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है। ब्लिंकइट अपने डार्क स्टोरों की संख्या वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के 1,816 से बढ़कर वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही तक 3,000 तक कर सकती है। अर्णब मित्रा की अगुआई में विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में ब्लिंकइट की सालाना बिक्री एवेन्यू की शुद्ध बिक्री से अधिक होगी। ब्रोकरेज फर्म ने बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण धीमी वृद्धि को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान अपने आय अनुमानों में 1 से 3 फीसदी की कटौती की है। फर्म ने 3,425 रुपये की अपरिवर्तित लक्षित कीमत के साथ बिकवाली की रेटिंग दी है।