facebookmetapixel
IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’

चिप सप्लाई चेन के लिए भारत- जापान साझेदारी पर मिली केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी

भारत की 10 अरब डॉलर की सेमीकंडक्टर की उत्पादन से जुड़ी PLI योजना से चिप प्लांट स्थापित करने पर आने वाली लागत का 50 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा।

Last Updated- October 25, 2023 | 10:52 PM IST
India fears the US Chips Act may put it in disadvantage

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत और जापान के बीच सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए हुए सहझौता ज्ञापन (एमओसी) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत उद्योग के लिए शोध एवं विकास (आरऐंडडी), विनिर्माण, डिजाइन और प्रतिभा विकास पर ध्यान दिया जाएगा।

इस एमओसी पर इस साल जुलाई में हस्ताक्षर हुए थे। इसका मकसद दोनों देशों की सरकारों और बिजनेस टु बिजनेस साझेदारी विकसित करने में सहयोग प्रदान करना है, जिससे सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिल सके। यह एमओसी दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के बाद लागू हो गया है और 5 साल के लिए है। नए समझौते के मुताबिक भारत और जापान जल्द ही उद्योग को उन्नत बनाने और डिजिटल तकनीक के लिए एक कार्यान्वयन संगठन बनाएंगे। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब भारत अहम तकनीकों जैसे सेमीकंडक्टरों के विश्वसनीय स्रोतों के लिए नए समझौते कर रहा है।

जापान सरकार द्वारा समर्थित सेमीकंडक्टर वेंचर रैपिडस की भूमिका नई साझेदारी में अहम हो सकती है। इस संगठन को टोएटा मोटर कॉर्प और सोनी ग्रुप कॉर्प सहित 8 दिग्गज जापानी कॉर्पोरेशन द्वारा 2022 में धन मुहैया कराया गया था। रैपिडस इंटरनैशनल बिजनेस मशीन (आईबीएम) कॉर्प के साथ मिंलकर एज-2 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी विकसित करने की योजना बना रहा है।

टोक्यो स्थित उद्यम ने जापान में जिस संयंत्र को स्थापित करने की योजना बनाई है, उससे 2027 तक बड़े पैमाने पर चिप का उत्पादन शुरू हो जाएगा। सरकार ने कहा कि एमओसी से भारत में आईटी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजन करने में भी मदद मिलेगी।

भारत और जापान दोनों सरकारों ने सेमीकंडक्टर के स्थानीय स्तर पर उत्पादन करने के लिए योजना शुरू की है। भारत की 10 अरब डॉलर की सेमीकंडक्टर की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से चिप संयंत्र स्थापित करने पर आने वाली लागत का 50 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा।

दूसरी तरफ जापान सरकार ने घरेलू चिप उद्योग विकसित करने के लिए 2021 में 6.8 अरब डॉलर की योजना की घोषणा की है। भारत जापान डिजिटल साझेदारी (आईजेडीपी) के तहत जापान अहम तकनीकों में भारत का नजदीकी सहयोगी रहा है। यह समझौता 2018 में हुआ था।

First Published - October 25, 2023 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट