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5जी नीलामी से पहले स्पेक्ट्रम कीमत में कटौती संभव

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Last Updated- December 12, 2022 | 7:27 AM IST

सरकार 5जी नीलामी से पहले स्पेक्ट्रम के आरक्षित मूल्य में कटौती कर सकती है। सीएलएसए ने अपने एक निवेशक नोट में यह बात कही है। उसका कहना है कि इस सप्ताह की नीलामी में 63 फीसदी स्पेक्ट्रम की बिक्री नहीं हो पाई और इसलिए सरकार कीमत घटाने पर विचार कर सकती है।

सरकार ने नीलामी में 2,250 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम की पेशकश की थी और दो दिन की नीलामी के बाद वह 855.60 मेगाहट्र्ज की बिक्री कर पाई। नीलामी में सबसे अधिक दिलचस्पी 800 मेगाहट्र्ज, 1800 मेगाहट्र्ज और 2300 मेगाहट्र्ज श्रेणियों में देखी गई जबकि 700 मेगाहट्र्ज और 2500 मेगाहट्र्ज बैंड में बिक्री नहीं हो पाई।

हालांकि जियो ने 57,122.65 करोड़ रुपये में 50 फीसदी से अधिक अनबिका स्पेक्ट्रम हासिल किया। जबकि एयरटेल ने 18,698.75 करोड़ रुपये की स्पेक्ट्रम खरीदारी की। इसी प्रकार वोडाफोन आइडिया ने 1,993.40 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम खरीदे।

सीएलएसए की विश्लेषक दीप्ति चतुर्वेदी ने एक निवेशक नोट में कहा, ‘इस नीलामी में 63 फीसदी स्पेक्ट्रम की बिक्री नहीं हो पाई। इसलिए आरक्षित मूल्य में कटौती की जा सकती है। ऐतिहासिक तौर पर देखा जाए तो यदि पिछली नीलामी में मांग नहीं दिखती है तो सरकार स्पेक्ट्रम कीमतों में 30 से 40 फीसदी की कटौती करती रही है। यह खासकर 5जी के लिए काफी सकारात्मक रहेगा। आगे 5जी के लिए भविष्य की नीलामी 3.3 से 3.6 गीगाहट्र्ज बैंड में उपलब्ध 275 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम के लिए होगी और उसमें केवल तीन ऑपरेटर मौजूद रहेंगे।’

भारत की दूरसंचार कंपनियां 5जी सेवाओं के लिए जमीन तैयार कर रही हैं जिसके चलते कंपनियां दरों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। दूरसंचार कंपनियों ने अपने नेटवर्क कवरेज को बढ़ाने और 5जी सेवाओं की योजना के लिए इस सप्ताह की नीलामी में 57,000 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम खरीदे। हालांकि इस खरीद से उनके कर्ज में वृद्धि होगी और उन्हें दरों में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।  

क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक नितीश जैन ने कहा, ‘स्पेक्ट्रम की खरीद दूरसंचार क्षेत्र को मजबूत करेगी। 31 मार्च 2021 को एबिटा अनुपात का औसत ऋण 5.4 गुना तक बढ़ जाएगा जो क्रिसिल के 4.4 गुना के पिछले अनुमान से अधिक है। इसके चलते दरों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।’

स्पेक्ट्रम की नीलामी से रिलायंस जियो का स्पेक्ट्रम ऋण बोझ 144 फीसदी की वृद्धि के साथ 63,100 करोड़ रुपये हो जाएगा और यह अब एयरटेल के 57,600 रुपये के स्पेक्ट्रम ऋण से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। अपनी कम भागीदारी के बावजूद, वोडाफोन आइडिया का स्पेक्ट्रम बोझ अभी भी तीनों ऑपरेटरों के बीच सबसे अधिक 95,400 करोड़ रुपये है।

बीएनपी परिबा के कुणाल वोरा ने कहा, ‘नीलामी दो बड़े ऑपरेटरों (एयरटेल तथा जियो) को और मजबूत करेगी और दोनों वोडाफोन आइडिया की बाजार हिस्सेदारी में सेंध लगाने के लिए तैयारी कर रही हैं। नेटवर्क में बड़े निवेश के साथ, टैरिफ बढ़ोतरी अपरिहार्य होगी।’

हालांकि बोफा सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि एयरटेल और जियो टैरिफ बढ़ाने के बजाय बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी। बोफा सिक्योरिटीज ने कहा, ‘टैरिफ बढ़ोतरी की पहल वोडाफोन आइडिया की ओर से होने की उम्मीद है, क्योंकि उसे इसकी सबसे अधिक जरूरत है।’

एयरटेल और जियो अपने 4जी ग्राहक आधार को बढ़ाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।  हाल के महीनों में एयरटेल का ग्राहक आधार जियो की तुलना में तेज गति से बढ़ा है और कंपनी ने नए ग्राहकों को जोडऩे के लिए पिछले सप्ताह रियायती पेशकश की घोषणा की थी।

दोनों कंपनियां 5जी सेवा शुरू करने की भी योजना बना रही हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने पहले कहा था कि कंपनी 2021 की दूसरी छमाही में 5जी सेवा लॉन्च करने के लिए तैयार है। वहीं, एयरटेल ने जनवरी में हैदराबाद में 5जी सेवा के सफल प्रदर्शन को अंजाम दिया। दोनों कंपनियों ने क्वालकॉम के साथ 5जी समाधान के लिए समझौता किया है।

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First Published - March 4, 2021 | 11:22 PM IST

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