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Infosys ने 240 लोगों को नौकरी से निकाला, ढाई साल तक इंतजार के बाद टेस्ट पास न करने पर बर्खास्तगी

यह कार्रवाई उन प्रशिक्षुओं के अंतिम टेस्ट के बाद की गई, जिन्हें पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में कंपनी में शामिल किया गया था।

Last Updated- April 18, 2025 | 7:19 PM IST
Infosys buyback
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: ShutterStock

देश की प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस ने अपने जेनेरिक फाउंडेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम में पास न होने के कारण 240 प्रशिक्षुओं को नौकरी से निकाल दिया है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने 18 अप्रैल को एक इंटरनल ईमेल के जरिए यह जानकारी दी। यह कार्रवाई उन प्रशिक्षुओं के अंतिम टेस्ट के बाद की गई, जिन्हें पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में कंपनी में शामिल किया गया था। ये प्रशिक्षु लगभग ढाई साल तक नौकरी का इंतजार करते रहे थे।

ईमेल में कहा गया, “आपको सूचित किया जाता है कि अतिरिक्त तैयारी के लिए समय, समाधान सत्र, कई मॉक टेस्ट और तीन मौकों के बावजूद आप ‘जेनेरिक फाउंडेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम’ में योग्यता मानदंडों को पूरा नहीं कर सके। इसलिए, आप अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम में अपनी यात्रा जारी नहीं रख पाएंगे।” इस साल की शुरुआत में भी इन्फोसिस ने फरवरी में 300 और मार्च में 40-45 प्रशिक्षुओं को इसी तरह निकाला था।

प्रभावित प्रशिक्षुओं के लिए अपस्किलिंग का मौका

इन्फोसिस ने निकाले गए प्रशिक्षुओं को कंपनी द्वारा प्रायोजित बाहरी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विकल्प दिया है। ये प्रशिक्षण एनआईआईटी या अपग्रेड के माध्यम से होंगे। ईमेल के अनुसार, “जैसे ही आप इन्फोसिस के बाहर अवसर तलाशेंगे, हम आपको पेशेवर आउटप्लेसमेंट सेवाएं देंगे। हम आपको बीपीएम इंडस्ट्री में संभावित भूमिकाओं के लिए इन्फोसिस द्वारा आयोजित बाहरी प्रशिक्षण का विकल्प भी दे रहे हैं। इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने पर आप इन्फोसिस बीपीएम लिमिटेड में उपलब्ध अवसरों के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर आप अपनी आईटी स्किल्स को और निखारना चाहते हैं, तो आप आईटी फंडामेंटल्स पर इन्फोसिस द्वारा प्रायोजित बाहरी प्रशिक्षण चुन सकते हैं।”

ढाई साल इंतजार के बाद नौकरी से निकाले गए

इन प्रशिक्षुओं की संख्या लगभग 1,200 के आसपास थी और यह 2022 में ऑफर लेटर पाने वालों में शामिल थे। उन्हें 2023 में शामिल होना था, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता और उद्योग में मंदी के कारण कंपनी ने उन्हें समय पर शामिल नहीं किया। यह देरी पूरे आईटी उद्योग में देखी गई थी। आखिरकार, अक्टूबर 2024 में, ऑफर लेटर मिलने के ढाई साल बाद उन्हें शामिल किया गया।

यह कार्रवाई तब हुई है, जब कंपनी ने एक दिन पहले ही इस वित्तीय वर्ष में 20,000 नए इंजीनियरिंग स्नातकों को भर्ती करने की घोषणा की थी। गुरुवार को इन्फोसिस ने अपने चौथी तिमाही (Q4FY25) के नतीजे भी घोषित किए, जिसमें कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए कमजोर राजस्व में बढ़ोतरी का अनुमान जताया। कंपनी को इस साल 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रही है। चौथी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 7,033 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 11.7 प्रतिशत कम है, जबकि राजस्व 7.9 प्रतिशत बढ़कर 40,925 करोड़ रुपये हो गया।

First Published - April 18, 2025 | 7:17 PM IST

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