facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

IT एक्सपोर्टर कंपनी Infosys को बड़ा झटका! चुकाने होंगे 17.5 मिलियन डॉलर, क्या है पूरा मामला?

Advertisement

मैककैमिश को इंफोसिस बीपीएम ने 2009 में खरीदा था, जो एक प्लेटफॉर्म-बेस्ड बीपीओ (BPO) फर्म है।

Last Updated- March 15, 2025 | 12:09 PM IST
Infosys
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: ShutterStock

आईटी एक्सपोर्टर कंपनी इंफोसिस अपनी एक बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट (BPM) यूनिट के खिलाफ 2023 में हुई एक साइबर सिक्योरिटी घटना से जुड़े एक क्लास-एक्शन मुकदमे को निपटाने के लिए 17.5 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगी। बता दें कि इंफोसिस बीपीएम की यूनिट इंफोसिस मैककैमिश सिस्टम्स का कुछ डेटा अक्टूबर और नवंबर 2023 के बीच चोरी हो गया था, जिसके कारण मैककैमिश में कुछ सिस्टम और एप्लिकेशन उपलब्ध नहीं रहे।

मैककैमिश को इंफोसिस बीपीएम ने 2009 में खरीदा था, जो एक प्लेटफॉर्म-बेस्ड बीपीओ (BPO) फर्म है। यह अमेरिका में लाइफ इंश्योरेंस, रिटायरमेंट सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस और सर्विस ऑफरिंग्स की सेवाएं देती हैं।

इंफोसिस ने एक बयान में कहा, “प्रस्तावित शर्तें प्लेंटिफ्स (मुकदमा करने वालों) द्वारा पुष्टि और ड्यू डिलिजेंस,सेटलमेंट एग्रीमेंट की शर्तों को अंतिम रूप देने, साथ ही कोर्ट की प्रारंभिक और अंतिम मंजूरी पर निर्भर हैं। मंजूरी मिलने के बाद, यह सेटलमेंट क्लास-एक्शन मुकदमों में किए गए सभी आरोपों को बिना किसी जिम्मेदारी स्वीकार किए सुलझा देगा।” ।

इस डेटा चोरी ने बैंक ऑफ अमेरिका के लगभग 57,000 ग्राहकों को प्रभावित किया, जो भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी का एक बड़ा क्लाइंट है। इस डेटा में संवेदनशील ग्राहक जानकारी शामिल थी, जैसे कि नाम, पता, सोशल सिक्योरिटी नंबर, और BofA के डिफर्ड कंपनसेशन प्लान से जुड़े अन्य खाता विवरण आदि। इंफोसिस ने पिछले साल कहा था कि इस चोरी के कारण कंपनी की आय को नुकसान पहुंचा और 31 मार्च, 2024 तक सुधार, बहाली, संचार प्रयासों, जांच प्रक्रिया और विश्लेषण, तथा कानूनी सेवाओं के लिए 38 मिलियन डॉलर का खर्च आया।

Q3 में कंपनी ने कमाए थे कितने करोड़?

इंफोसिस का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट 11.4 फीसदी उछलकर 6,806 करोड़ रुपये हो गया था। कंपनी ने इस वित्त वर्ष के लिए रेवेन्यू गाइडेंस 4.5-5% तक बढ़ाया है। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने रेवेन्यू गाइडेंस 3.75 फीसदी से बढ़ाकर 4.5 फीसदी किया था। यह दूसरी बार है, जब कंपनी ने अपना रेवेन्यू गाइडेंस बढ़ाया है। पहली तिमाही में यह 3-4% था, जिससे साफ है कि इंफोसिस की ग्रोथ अब रफ्तार पकड़ रही है।

इंफोसिस ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया था कि इंफोसिस का दिसंबर 2024 तिमाही में नेट प्रॉ फिट 11.4 फीसदी (YoY) उछलकर 6,806 करोड़ रुपये हो गया। यह ब्लूमबर्ग के 6,773 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा था। वहीं, तिमाही आधार पर (QoQ) यानी सितंबर तिमाही के मुकाबले दिसंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 4.6 फीसदी उछला था।

Advertisement
First Published - March 15, 2025 | 12:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement