facebookmetapixel
नेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्दत्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़DGCA ने IndiGo पर लगाया ₹22.2 करोड़ का जुर्माना, दिसंबर में हुई उड़ान बाधाओं को बताया जिम्मेदारDelhi Air Pollution: दिल्ली की हवा अब ‘सर्जिकल मास्क’ वाली! AQI 500 के करीब; GRAP IV लागूTrump Tariffs: ग्रीनलैंड पर ट्रंप का अल्टीमेटम, डेनमार्क को टैरिफ की खुली धमकीWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड का डबल अटैक; घना कोहरा, बारिश और बर्फबारी का अलर्टCorporate Action Next Week: अगले हफ्ते बाजार में हलचल, स्प्लिट-बोनस के साथ कई कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड1485% का बड़ा डिविडेंड! Q3 में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद हाल में लिस्ट हुई कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार300% का तगड़ा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को गिफ्ट, रिकॉर्ड डेट भी फिक्स

IOC ने यूएई से LNG आयात के लिए 14 साल का समझौता किया

समझौते की कीमत 7-9 अरब डॉलर, 2026 से हर साल 12 लाख टन एलएनजी आपूर्ति होगी, बीपीसीएल और टोटाल एनर्जीज ने भी दीर्घावधि अनुबंध किए

Last Updated- February 13, 2025 | 10:24 PM IST
IOC

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से एलएनजी आयात करने के लिए 14 साल का दीर्घावधि समझौता किया है। गुरुवार को इंडिया एनर्जी वीक के दौरान हुए इस अनुबंध की कीमत 7 से 9 अरब डॉलर के बीच है। इससे आईओसी को 2026 से हर साल यूएई से 12 लाख टन सालाना एलएनजी मिलेगी।

इस दौरान बीपीसीएल ने भी एडनॉक के साथ एलएनजी के लिए सावधि खरीद समझौता किया है। इसके तहत उसे अप्रैल 2025 से 5 साल तक 24 लाख टन एलएनजी मिलेगी। इस समझौते को आपसी सहमति से और 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा।

वहीं फ्रांस की ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टोटाल एनर्जीज ने भी गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जीपीएससी) को 2026 से 10 साल तक सालाना 4 लाख टन एलएनजी बेचने के लिए समझौता किया है। एक बयान में कहा गया है, ‘टोटाल एनर्जीज और जीएसपीसी ने 2026 से शुरू हो रहे 10 साल के दीर्घावधि बिक्री और खरीद समझौते (एसपीए) पर हस्ताक्षर की घोषणा की है।’ इसकी आपूर्ति प्राथमिक रूप से जीएसपीसी के औद्योगिक ग्राहकों को की जाएगी। साथ ही घरेलू इस्तेमाल के लिए, कारोबारियों और कंप्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) से चलने वाले वाहनों जैसे ऑटोरिक्शा को आपूर्ति के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

एक अन्य महत्त्वपूर्ण कदम के तहत सरकार मीठी ज्वार का इस्तेमाल बॉयोएथनॉल उत्पादन में करने की दिशा में भी काम कर रही है। नैशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) कानपुर ने इसकी क्षमता की जांच की है और अब वह इस तकनीक को व्यापक रूप देने के लिए औद्योगिक साझेदार की तलाश में है। बीपीसीएल ने उत्पादन व्यवस्था विकसित करने, किसानों के क्षमता निर्माण और मूल्य श्रृंखला के साझेदारों को लाने के लिए एनएसआई के साथ साझेदारी की है। यह जूस आधारित बायोएथनॉल उत्पादन और लागत आकलन के लिए मीठी ज्वार के प्रयोग पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।

First Published - February 13, 2025 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट