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इन्फोसिस का मुनाफा 12 प्रतिशत बढ़ा

Last Updated- December 11, 2022 | 7:56 PM IST

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की नामी कंपनी इन्फोसिस के चौथी तिमाही के नतीजे अनुमान से कम रहे हैं। हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए राजस्व में 13 से 15 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया है। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के दौरान इन्फोसिस का शुद्ध मुनाफा सालाना 12 प्रतिशत तेजी के साथ 5,686 करोड़ रुपये रहा मगर मुनाफा तीसरी तिमाही के मुकाबले 2.1 प्रतिशत फिसल गया।
राजस्व के लिहाज से इन्फोसिस एक अन्य आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) से आगे रही। इन्फोसिस का राजस्व आलोच्य अवधि में साल भर पहले के मुकाबले 22.7 प्रतिशत तेजी के साथ 32,276 करोड़ रुपये रहा और एक तिमाही पहले की तुलना में इसमें 1.3 प्रतिशत तेजी आई। दूसरी तरफ टीसीएस के राजस्व में सालाना आधार पर 16.8 प्रतिशत तेजी आई। इस तरह 121,641 करोड़ रुपये के साथ इन्फोसिस का राजस्व टीसीएस से कहीं अधिक रहा। इसके बावजूद इन्फोसिस ब्लूमबर्ग के अनुमानों पर खरा नहीं उतरी। ब्लूमबर्ग के एक सर्वेक्षण में विश्लेषकों ने कंपनी का राजस्व चौथी तिमाही में 32,788 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 6,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। इन्फोसिस के मुख्य कार्य अधिकारी और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 में और मजबूत कारोबार करने के लिए अपनी बुनियाद काफी मजबूत कर ली है। पारेख ने कहा, ‘इन्फोसिस ने पिछले एक दशक में सर्वाधिक सालाना वृद्धि हासिल की है। ग्राहकों का विश्वास कंपनी पर बढ़ा है, जिससे हमें अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिल रही है।’ चौथी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन विभिन्न कारकों पर निर्भर रहा।
राजस्व में डिजिटल खंड की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत रही और इसमें स्थिर मुद्रा के आधार पर 41.2 प्रतिशत तेजी आई। यूरोप ने राजस्व में 28.3 प्रतिशत योगदान किया और अमेरिका की हिस्सेदारी 18.5 प्रतिशत बढ़ी। कारोबारी खंडों के लिहाज से बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा में साल भर पहले के मुकाबले 14.1 प्रतिशत, खुदरा में 16.5 प्रतिशत और संचार में 29.2 प्रतिशत तेजी आई। कंपनी ने वित्त वर्ष 2022 के लिए 16 रुपये प्रति शेयर की दर से लाभांश देने की घोषणा की है।
मार्जिन के मोर्चे पर भी इन्फोसिस ने निराश किया। चौथी तिमाही में मार्जिन 21.5 प्रतिशत रहा, जो वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में 23.5 प्रतिशत था। आपूर्ति पक्ष से जुड़ी चुनौतियों और अधिक लागत आदि की वजह से मार्जिन कमजोर रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 में परिचालन मार्जिन 21 से 23 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। मार्जिन के मामले में टीसीएस ने बाजी मारी है। टीसीएस का मार्जिन 25.3 प्रतिशत रहा। इन्फोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी नीलांजन रॉय ने कहा कि मजूबत वृद्धि देखते हुए कंपनी को निवेश बढ़ाना होगा, जिससे मार्जिन पर थोड़ा असर हो सकता है। मगर उन्होंने कहा कि कंपनी लागत घटाकर और दूसरे उपाय अपनाकर कुछ हद तक मार्जिन बचाने में सफल रहेगी। रॉय ने कहा मार्जिन के बारे में अनुमान लगाते समय इन बातों पर विचार किया गया है।

First Published - April 13, 2022 | 11:13 PM IST

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