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पहला मेड इन इंडिया चिप इसी साल होगा लॉन्च, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया ऐलान

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पहले इस चिप को दिसंबर 2024 में लॉन्च करने की योजना थी, जिसकी घोषणा पिछले साल जनवरी में दावोस सम्मेलन में की गई थी।

Last Updated- January 23, 2025 | 3:39 PM IST
Union Minister Ashwini Vaishnaw
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

दावोस में चल रहे World Economic Forum के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भारत की पहली ‘मेड इन इंडिया’ चिप इस साल लॉन्च की जाएगी।

पहले इस चिप को दिसंबर 2024 में लॉन्च करने की योजना थी, जिसकी घोषणा पिछले साल जनवरी में दावोस सम्मेलन में की गई थी। अब, भारत का यह बड़ा कदम टेक्नोलॉजी सेक्टर में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ाएगा।

मंत्री वैष्णव ने बताया कि भारत के सेमीकंडक्टर कार्यक्रम को लेकर इंडस्ट्री में बड़ा भरोसा है। उन्होंने कहा, “हमारी पहली ‘मेड इन इंडिया’ चिप इस साल आएगी। अब हमारा फोकस अगले चरण पर है, जिसमें हम उपकरण निर्माताओं, सामग्री निर्माताओं और डिज़ाइनरों को भारत में लाना चाहते हैं।”
वैष्णव ने यह भी कहा कि सेमीकंडक्टर निर्माण में उपयोग होने वाले मटेरियल्स की शुद्धता को और बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हमें पार्ट्स पर मिलियन (ppm) शुद्धता से पार्ट्स पर बिलियन (ppb) शुद्धता तक पहुंचना होगा। इसके लिए प्रोसेस में बड़े बदलाव की जरूरत है, और इंडस्ट्री इस पर तेजी से काम कर रही है।”

भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाएं

दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम को मंजूरी दी थी। इस प्रोग्राम के तहत 76,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया। इसका उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले निर्माण और डिज़ाइन इकोसिस्टम में निवेश करने वाली कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

इस कदम से भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में एक मज़बूत पहचान दिलाने और तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी।

भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम, विदेशी निवेशक भी आगे

भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) की शुरुआत की है। यह मिशन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के तहत एक इंडिपेंडेंट बिज़नेस डिविजन के तौर पर काम करेगा। इसे एडमिन और फाइनेंशियल फ्रीडम दी गई है, ताकि यह देश में सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और प्रोडक्शन के लिए लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी बना सके।

भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को मजबूत करने के लिए विदेशी कंपनियां भी बड़े निवेश कर रही हैं।

  • NXP Semiconductors ने भारत में अपने रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) प्रयासों को दोगुना करने के लिए $1 बिलियन (करीब ₹8,200 करोड़) से अधिक निवेश करने की योजना बनाई है।
  • Analog Devices ने टाटा ग्रुप के साथ मिलकर भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए साझेदारी की है।
  • Micron Technology गुजरात में $2.75 बिलियन (करीब ₹22,600 करोड़) की लागत से असेंबली और टेस्टिंग प्लांट स्थापित कर रही है, जिससे 5,000 प्रत्यक्ष नौकरियां और 15,000 सामुदायिक नौकरियां मिलने की उम्मीद है।

एक Reuters रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2026 तक $63 बिलियन (करीब ₹5.18 लाख करोड़) तक पहुंचने का अनुमान है।

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First Published - January 23, 2025 | 1:37 PM IST

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