facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Update: हैवीवेट शेयरों में बिकवाली से बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 340 अंक गिरा; निफ्टी 26,200 के पासStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

Steel Export of India: जनवरी में देश का स्टील एक्सपोर्ट 18 महीने के उच्चस्तर पर

शोध कंपनी स्टीलमिंट की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा घरेलू स्तर पर प्रतिस्पर्धी कीमतों ने निर्यात वृद्धि में योगदान दिया है।

Last Updated- February 25, 2024 | 2:43 PM IST
Steel sector
Representative Image

देश का मासिक इस्पात निर्यात जनवरी, 2024 में 11 लाख टन के 18 माह के उच्चस्तर पर पहुंच गया है। ‘स्टीलमिंट’ ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यूरोपीय संघ की मांग बढ़ने और वैश्विक स्तर पर अनुकूल कीमतों की वजह से इस्पात निर्यात का आंकड़ा अच्छा रहा है।

शोध कंपनी स्टीलमिंट की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा घरेलू स्तर पर प्रतिस्पर्धी कीमतों ने निर्यात वृद्धि में योगदान दिया है। जनवरी, 2023 में इस्पात का निर्यात 6.7 लाख टन रहा था।

निर्यात में वृद्धि के कारणों पर स्टीलमिंट ने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ (ईयू) की भंडार को भरने की मांग ने जनवरी में कुल निर्यात में 67 प्रतिशत का योगदान दिया है। यह पिछले 18 माह का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।’’

देश में हॉट रोल्ड कॉइल (एचआरसी) की कीमत जहां 54,300 रुपये प्रति टन थी, वहीं वैश्विक स्तर पर यह 710 डॉलर (लगभग 58,000 रुपये) प्रति टन थी।

इस कारक ने भी वैश्विक स्तर पर इस्पात की मांग में योगदान दिया। स्टीलमिंट ने कहा, ‘‘चीन में छुट्टियों तथा वियतनाम में त्योहार की वजह से निकट भविष्य में कुल मिलाकर भारतीय इस्पात निर्यात काफी हद तक सीमित दायरे में रह सकता है या इसमें थोड़ी गिरावट आ सकती है।’’

First Published - February 25, 2024 | 2:43 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट