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ग्लोबल निवेशकों की पहली पसंद फिर बना भारत, चीन की चमक फीकी

एशिया फंड मैनेजर सर्वे के मुताबिक भारत फिर से निवेशकों की पसंद बना है, जबकि चीन कमजोर ग्रोथ और अनिश्चित नीतियों के चलते अंडरवेट कैटेगरी में खिसक गया है।

Last Updated- December 23, 2025 | 7:23 AM IST
artificial intelligence
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एशिया फंड मैनेजर सर्वे का कहना है कि भारत आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) से संचालित बाजारों के मुकाबले विविधतापूर्ण दांव के तौर पर काम कर रहा है। वह धीरे-धीरे हलकी ओवरवेट पोजीशन पर वापस आ गया है।
लेकिन एशिया पैसिफिक क्षेत्र में जापान अभी भी पसंदीदा बना हुआ है और अक्टूबर 2023 में शामिल होने के बाद से वह वरीयता रैंकिंग में सबसे ऊपर है।

सर्वे में कहा गया है कि प्रधानमंत्री सनाई ताकाइची की नीति के प्रभाव पर विचार सकारात्मक बने हुए हैं। इक्विटी बाजारों में अल्पकालिक बढ़त को तेजी की निरंतरता के लिए काफी हद तक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। चीन के बारे में सर्वे में कहा गया है कि ट्रंप के लिबरेशन डे के झटके के बाद छह महीने तक बेहतर हुई धारणा के बाद वृद्धि की रफ्तार थम गई है। सर्वे में कहा गया है कि हालांकि दीर्घावधि ढांचागत नजरिया अब उतना खराब नहीं है, लेकिन मूल्यांकन फिलहाल अनुकूल नहीं हैं और निवेशक शायद निवेश बढ़ाने से पहले प्रोत्साहन नीति के ठोस संकेतों का इंतजार करेंगे।

बोफा ने एक नोट में कहा, ‘घरेलू जोखिम लेने की क्षमता कम हो रही है, निवेश के बजाय बचत की ओर बदलाव हो रहा है। नतीजतन, आवंटन अंडरवेट हो गए हैं।’ सर्वे में आगे कहा गया है कि फंड मैनेजर ताइवान और कोरिया पर सकारात्मक बने हुए हैं।

ब्रोकरेज ने कहा, ‘हालिया अस्थिरता के बावजूद, एआई, इंटरनेट, एंटी-इनोवेशन और कोरिया के कॉरपोरेट वैल्यू-अप प्रोग्राम पोजिशनिंग पर हावी हैं।’

First Published - December 23, 2025 | 7:23 AM IST

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