facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

पान मसाला उत्पादन पर उपकर का स्वास्थ्य उद्योग ने किया स्वागत

Advertisement

स्वास्थ्य सुरक्षा उपकर विधेयक 2025 के तहत पान मसाला उत्पादन पर लगाया गया नया उपकर, स्वास्थ्य प्रणालियों और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उद्योग ने इसका स्वागत किया।

Last Updated- December 08, 2025 | 8:48 AM IST
Health care sector welcomes Bill that taxes pan masala production
Representative Image

स्वास्थ्य सेवा उद्योग ने नए ‘स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025’ के प्रति अपना समर्थन जताया है। बिल के तहत देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए अतिरिक्त राजस्व के उद्देश्य से नया उपकर लगाया गया है।

5 दिसंबर को लोकसभा में पारित इस विधेयक के तहत पान मसाला (और भविष्य में संभावित रूप से अन्य खास उत्पाद) जैसी चीजों के विनिर्माण या उत्पादन के लिए स्थापित मशीनरी क्षमता या इसके लिए की गई प्रक्रियाओं पर उपकर लगाने का प्रस्ताव है, चाहे वह मशीनों के जरिये की गई हो या लोगों द्वारा अथवा दोनों प्रक्रियाओं के जरिये।

उद्योग के अधिकारी ने कहा, ‘उपकर के जरिये एकत्र किया गया सारा राजस्व भारत के संचित कोष में जमा किया जाएगा। इसे स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाने वाले कार्यक्रमों के समर्थन के लिए रखा जाएगा।’ विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के बराबर धन का निर्धारण महत्त्वपूर्ण नीतिगत बदलाव का संकेत है।

उद्योग के संगठन नैटहेल्थ की अध्यक्ष अमीरा शाह ने कहा कि यह प्रगतिशील दृष्टिकोण है कि अस्वास्थ्यकर उत्पादों से होने वाले लाभ को सार्वजनिक स्वास्थ्य में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे राजस्व को स्वास्थ्य संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के दमदार बुनियादी ढांचे में निवेश करना वास्तव में समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘जब भारत गैर-संचारी रोगों, संक्रामक रोगों और लगातार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य चुनौतियों के तिहरे बोझ से जूझ रहा है, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना आवश्यक है।’

इस विधेयक की मुख्य विशेषता यह है कि यह उपकर उत्पादन क्षमता के आधार पर लगाया जाएगा, न कि उत्पादित या खपत की गई वास्तविक मात्रा पर। उद्योग के एक अन्य कार्यकारी ने कहा, ‘इसका मतलब यह है कि कर मशीनों के प्रकार, रफ्तार और भार उठाने की क्षमता अथवा इस्तेमाल की जाने वाली मैनुअल प्रक्रियाओं की प्रकृति से जुड़ा हुआ है।’
विनिर्माताओं को मशीनरी और हाथों से की जाने वाली सभी प्रक्रियाओं की स्वयं घोषणा करनी होगी, मासिक रिटर्न की सूचना देनी होगी और हर महीने की 7 तारीख तक उपकर का भुगतान करना होगा।

Advertisement
First Published - December 8, 2025 | 8:48 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement