facebookmetapixel
Advertisement
‘डिजिटल अरेस्ट’ को अलग अपराध बनाने पर विचार करे सरकार: सुप्रीम कोर्टकम वेतन से ISRO छोड़ रहे वैज्ञानिक? इस्तीफों के बाद सरकार ने नियम किए सख्तपेपर लीक बिल पर लोकसभा में घमासान, सत्ता और विपक्ष आमने-सामनेकॉपीराइट के नाम पर उगाही का आरोप, Delhi High Court ने केंद्र और Meta को नोटिस भेजापीएम का पोस्ट हटाने का मामला, मेटा के अधिकारी जोल कैपलन तलबसोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों से निपटने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 2 घंटे में देना होगा जवाबइंडिगो ने परिचालन संकट से ली सीख, सिस्टम मजबूत कर अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर फोकसटाटा कम्युनिकेशंस और टीटीबीएस लाएंगी छोटे उद्यमों के लिए एआई प्लेटफॉर्मभारत के स्पेस-टेक स्टार्टअप में बढ़ा निवेश, पांच साल में जुटाए 87 करोड़ डॉलरटाटा संस का मुनाफा 5 साल के निचले स्तर पर, राजस्व बढ़ने के बावजूद 36% की गिरावट

GIFT City: गिफ्ट सिटी में लिस्टिंग के अंतिम नियम जारी

Advertisement

नए नियम विदेशी इकाइयों और अनलिस्टेड भारतीय कंपनियों के लिए गिफ्ट सिटी के एक्सचेंजों पर लिस्टिंग का मार्ग प्रशस्त करेंगे

Last Updated- August 31, 2024 | 12:01 AM IST
Gift City

द इंटरनैशनल फाइनैंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी (आईएफएससीए) ने शुक्रवार को गिफ्ट सिटी में एक्सचेंजों पर सीधी सूचीबद्धता के लिए पात्रता शर्तों और मानदंडों को बताने के लिए अंतिम नियम जारी कर दिए। अंतिम अधिसूचना के साथ आईएफएससीए का दरवाजा विदेशी इकाइयों और देश की असूचीबद्ध कंपनियों (खास तौर से विदेशी निवेशकों को लुभाने वाले स्टार्टअप) के लिए खुल जाएगा और वे इस वित्तीय केंद्र के दोनों एक्सचेंजों पर सूचीबद्धता की संभावना तलाश कर सकेंगे।

पात्रता के लिए कंपनी का परिचालन राजस्व पिछले वित्त वर्ष में कम से कम 2 करोड़ डॉलर होना चाहिए, कर पूर्व लाभ कम से कम 10 लाख डॉलर और इश्यू के बाद बाजार पूंजीकरण कम से कम 2.5 करोड़ डॉलर होना चाहिए।

इसके अलावा अगर किसी कंपनी ने पहले ही एसआर इक्विटी शेयर या सुपीरियर वोटिंग अधिकारों के साथ शेयर जारी किए होंगे तो उसे अपने सामान्य शेयर जारी करने की भी इजाजत दी जाएगी, बशर्ते शेयरधारकों ने एसआर इक्विटी जारी करने की अनुमति दी हो और फाइलिंग के कम से कम तीन महीने पहले ये शेयर रहे हों।

ऑफर फॉर सेल के लिए शेयर विवरणिका का मसौदा जमा कराए जाने से कम से कम एक साल पहले तक होना अनिवार्य है। नांगिया एंडरसन एलएलपी में पार्टनर (फाइनैंशियल सर्विसेज) सुनील गिडवानी ने कहा कि अंतिम नियमन असूचबीद्ध इकाइयों और स्पेशल पर्पज एक्विजिशन कंपनियों (एसपीएसी) को आईएफएससी स्टॉक एक्सचेंजों पर आरंभिक सार्वजनिक निर्गम जारी करने की इजाजत देते हैं। ये नियम सूचीबद्ध इकाइयों को अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम, राइट्स इश्यू या तरजीही इश्यू जारी करने की इजाजत भी देंगे।

उन्होंने कहा कि डिपॉजिटरी रिसीट्स, ऋण प्रतिभूतियों, वाणिज्यिक प्रतिभूतियों, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट और अन्य वित्तीय योजनाओं सहित विभिन्न प्रतिभूतियों को भी इस नियमन के तहत सूचीबद्ध होने की इजाजत मिलेगी।

Advertisement
First Published - August 30, 2024 | 11:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement