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IndiGo पर लग सकता है भारी जुर्माना, DGCA ने नियम उल्लंघन की जांच शुरू की

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इंडिगो ने पायलट ड्यूटी नियमों का पालन न करने और पर्याप्त पायलट न रखने को स्वीकार किया है, जिसके चलते डीजीसीए कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माने की संभावना जता रहा है।

Last Updated- December 08, 2025 | 8:06 AM IST
IndiGo
Representative Image

अगर विमानन क्षेत्र का नियामक – नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) इस नतीजे पर पहुंचता है कि इंडिगो ने संशोधित पायलट ड्यूटी के नियमों की पालना नहीं की और अपने रोस्टर में जानबूझकर पर्याप्त पायलटों को नहीं रखा था तो किफायती विमानन कंपनी को अब तक की सबसे कड़ी नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कानूनी विशेषज्ञों ने यह बात कही।

गांधी लॉ एसोसिएट्स के साझेदार राहील पटेल ने कहा, ‘अगर डीजीसीए इस नतीजे पर पहुंचता है कि विमानन कंपनी ने अनिवार्य सुरक्षा संबंधी रोस्टर बदलाव में जानबूझकर देर की तो इसके नतीजे और भी गंभीर हो सकते हैं।’संशोधित एफडीटीएल (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन रूल्स) नियम 1 नवंबर को अपने दूसरे और अंतिम चरण में पहुंच गए और इस तरह वे सात प्रावधान लागू हो गए जिन्हें जुलाई में लागू किया जाना था।

चरण 2 के तहत सुबह-सवेरे ‘सुस्त जैविक घड़ी’ वाली अवधि (रात करीब 2 से तड़के 6 बजे) के दौरान पायलट ड्यूटी का दायरा कड़ा कर दिया गया। इस दौरान थकान के कारण सबसे ज्यादा जोखिम होता है। पैरा 3.11 के तहत ‘रात्रि ड्यूटी’ में पायलट के अनुकूल टाइम जोन में रात12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच कोई भी ड्यूटी शामिल है, पैरा 6.1.4 ऐसे समय के दौरान उड़ान के समय को 8 घंटे, कुल ड्यूटी को 10 घंटे तक सीमित करता है और सामान्य रूप से पायलट के लिए दो लैंडिंग की सीमा होती है।

उड़ानें रद्द किए जाने के बाद डीजीसीए ने चालक दल की उपलब्धता का सटीक अनुमान लगाने, समय पर प्रशिक्षण देने और अग्रिम नियामकीय सूचना के बावजूद रोस्टर को दोबारा व्यवस्थित करने में असमर्थता की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है। डीजीसीए के सामने अपनी दलीलों में इंडिगो ने कहा है कि 1 नवंबर से अपने रोस्टर पर एफडीटीएल चरण 2 के मानदंडों के प्रभाव का अनुमान लगाने में विफलता के कारण ‘बड़े स्तर पर उड़ानें रद्द हुई या उनमें देर’ हुई। विमानन कंपनी ने स्वीकार किया कि चालक दल की उसकी योजना ‘नाकाफी’ थी और ‘संकेत दिया’ कि आवश्यक मानदंडों को पूरा करने के लिए आने वाले दिनों में नई भर्ती की जाएगी।

इंडिगो ने डीजीसीए को यह भी बताया है कि नवंबर में रद्द 1,232 उड़ानों में से 755 उड़ानें इसलिए रद्द हुईं कि विशेष रूप से ड्यूटी के घंटों के नए मानदंडों को लागू करने के लिए आवश्यक पर्याप्त पायलट नहीं थे। पटेल ने कहा, ‘जानबूझकर नियमों का पालन न करने को प्रणालीगत सुरक्षा उल्लंघन माना जाता है, न कि परिचालनगत चूक। डीजीसीए कारण बताओ नोटिस जारी कर सकता है, जुर्माना लगा सकता है, विमानन कंपनी के परिचालन परमिट की शर्तों को कड़ा कर सकता है या क्षमता सीमित कर सकता है।’

पायलट एसोसिएशन ने इंडिगो पर जानबूझकर पायलटों की कमी पैदा करने का आरोप लगाया है ताकि नियामक पर फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) के नए नियमों को हल्का करने का दबाव बनाया जा सके।

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First Published - December 8, 2025 | 8:06 AM IST

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