facebookmetapixel
Explainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्टअमेरिका का वेनेजुएला पर बड़ा हमला: राजधानी काराकास हुए कई जोरदार धमाके, देश में इमरजेंसी लागूStock Split: एक शेयर टूटेगा 10 भाग में! A-1 Ltd का छोटे निवेशकों को तोहफा, निवेश करना होगा आसान

IATA summit: एविएशन सेक्टर में वृद्धि क्षमता के उपयोग के लिए टैक्स सिस्टम को भरोसेमंद बनाने की जरूरत

IATA ने अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) एक से तीन जून तक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित की गई। यह बैठक 42 साल में पहली बार भारत में हुई।

Last Updated- June 03, 2025 | 8:07 PM IST
IATA summit

दुनियाभर के विमानन कंपनियों के समूह इंटरनैशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने मंगलवार को कहा कि भारत का टैक्स सिस्टम जटिल है तथा देश में तेजी से बढ़ रहे नागर विमानन बाजार की क्षमता के उपयोग के लिए इसे और भरोसेमंद बनाने की जरूरत है। IATA के महानिदेशक विली वॉल्श ने कहा कि भारत उन नागर विमानन बाजारों में से एक है, जहां वृद्धि के काफी अवसर हैं और इसकी वृद्धि दर चीन से आगे निकलने की उम्मीद है।

भारत में टैक्स सिस्टम काफी जटिल

हाल के दिनों में विदेशी विमानन कंपनियों को मिले टैक्स नोटिस के संदर्भ में, वॉल्श ने कहा, ‘‘भारत में टैक्स सिस्टम काफी जटिल है और यह हमारे उद्योग के लिए एक तरह से ‘विशेषता’ बन गयी है। यानी यह कोई नया मुद्दा नहीं है।’’ वॉल्श ने कहा कि देश को पूरी क्षमता का उपयोग करने और इस दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने के लिए कराधान के मुद्दों का समाधान करना चाहिए।

Also read: IATA summit: भारत बनेगा विमान रखरखाव का ग्लोबल केंद्र, बोले PM मोदी- 2030 तक देश को बनाएंगे 4 अरब डॉलर की MRO इंडस्ट्री

टैक्स नियमों का स्पष्ट होना जरूरी

उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘इसका मतलब यह नहीं है कि आपको कराधान को खत्म करना होगा, लेकिन मुझे लगता है कि आपको इस बारे में स्पष्ट समझ होनी चाहिए कि कराधान नियम कैसे लागू होते हैं।’’ इस मुद्दे पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि विमानन कंपनियों को कभी-कभी मौजूदा नियम की एक नई व्याख्या मिलती है जो पहले की व्याख्या से पूरी तरह अलग होती है। ऐसी स्थिति में करों के लिए दावा किया जाता है जो भुगतान नहीं किया गया है और यह लंबे समय तक कानूनी विवाद और चर्चाओं की ओर ले जाता है जो अंततः हल हो जाती है। कई मामलों में यह एयरलाइन के पक्ष में जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि भारत को वास्तव में यहां मौजूद विशाल अवसर का उपयोग करना है, तो कराधान के बारे में अधिक निश्चितता महत्वपूर्ण होगी।’’

42 साल बाद भारत में IATA की AGM

इंटरनैशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट सहित 350 से अधिक विमानन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है। समूह दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हवाई अड्डे के शुल्क अधिक होने के बारे में भी मुखर रहा है। वॉल्श ने इस मुद्दे पर IATA के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि विमानन कंपनियां किफायती कीमत पर कुशल हवाई अड्डा संचालन चाहती हैं। ‘‘हम चाहते हैं कि हवाई अड्डे विवेकपूर्ण तरीके से दीर्घकालिक निवेश करें जिसे उद्योग वहन कर सके।’’

Also read: IATA summit: एतिहाद सीईओ नेव्स बोले- ‘द्विपक्षीय विमानन अधिकार तभी बढ़ें जब पॉइंट-टु-पॉइंट मांग हो, ट्रांसफर ट्रैफिक पर बहस बेतुकी

वॉल्श के अनुसार, एयरलाइन कंपनियों और हवाई अड्डों के बीच अधिक संवाद की आवश्यकता है। IATA ने अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) एक से तीन जून तक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित की गई। यह बैठक 42 साल में पहली बार भारत में हुई।

(PTI के इनपुट के साथ)

First Published - June 3, 2025 | 7:52 PM IST

संबंधित पोस्ट