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एफएमसीजी क्षेत्र की कंपनियों ने दिए राजस्व नरम रहने के संकेत

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दैनिक उपभोक्ता वस्तु बनाने वाली कंपनियों ने अपने तिमाही अपडेट में इस बात का संकेत दिया है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में उनकी राजस्व वृद्धि मध्य-एकल अंक में रह सकती है

Last Updated- October 08, 2025 | 10:58 PM IST
FMCG

फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स कंपनियों द्वारा अपने तिमाही अपडेट में दिए संकेत के अनुसार, जुलाई-सितंबर तिमाही में उनकी राजस्व वृद्धि मध्य-एकल अंक में रहने की संभावना है।

अधिकांश कंपनियों ने यह भी बताया कि आपूर्ति श्रृंखला ने नए वस्तु एवं सेवा कर की दरों के कार्यान्वयन से पहले केवल वैसे स्टॉक को समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित किया, जिन श्रेणियों में इसे कम किया गया था।

हालांकि मैरिको एक अपवाद है, जिसने कहा कि मूल्य निर्धारण हस्तक्षेप और मिश्रित सुधार के कारण सालाना आधार पर उसके समेकित राजस्व की वृद्धि 30 के आंकड़े को छू लेगी।

हालांकि, इसने निवेशकों को बताया कि भारतीय कारोबार में इसकी अंतर्निहित बिक्री वृद्धि उच्च एकल अंक के स्तर पर बनी हुई है, लेकिन क्रमिक रूप से इसमें नरमी आने की संभावना है। डाबर इंडिया और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने अपने अपडेट में निवेशकों को बताया कि समेकित राजस्व मध्य एकल-अंक के स्तर पर रहने की संभावना है।

वाटिका तेल बनाने वाली कंपनी ने यह भी कहा कि उसका परिचालन लाभ करीब-करीब राजस्व के अनुरूप ही बढ़ेगा और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने कहा कि भारत में जीएसटी में बदलाव से लाभप्रदता पर अल्पकालिक प्रभाव पड़ने की आशंका है तथा तिमाही के लिए एबिटा में गिरावट आने की संभावना है।

डाबर इंडिया ने अपने अपडेट में कहा, सरकार का हालिया जीएसटी सुधार सामर्थ्य और क्रय शक्ति बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे सभी श्रेणियों में खपत बढ़ेगी और शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में मांग मजबूत होगी।

हिंदुस्तान यूनिलीवर ने यह भी कहा कि इस तिमाही पर जीएसटी का अस्थायी प्रभाव पड़ सकता है और उसे उम्मीद है कि उसकी समेकित व्यावसायिक वृद्धि लगभग स्थिर या निचले एकल अंकों में रहेगी। कंपनी ने कहा, यह एक बार का अस्थायी प्रभाव है और हमें नवंबर से कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है, जो खर्च योग्य बढ़ती आय और हमारे पोर्टफोलियो परिवर्तन के प्रयासों पर आधारित होगी।

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First Published - October 8, 2025 | 10:54 PM IST

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