facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

डेटा सेंटर, जीसीसी से बढ़ेगा ब्लैक बॉक्स का राजस्व : सीईओ

चालू वित्त वर्ष के लिए कंपनी ने 5,925 करोड़ रुपये से 6,000 करोड़ रुपये तक के राजस्व का अनुमान जताया है।

Last Updated- February 19, 2025 | 11:48 PM IST
Data Center

दुनिया भर में डेटा सेंटरों की मांग बढ़ने की वजह से डिजिटल बुनियादी ढांचा क्षेत्र की कंपनी ब्लैक बॉक्स को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में उसका राजस्व बढ़कर 7,000 करोड़ रुपये हो जाएगा। यह बड़े उद्यमों और अधिक मूल्य वाले अवसरों के अनुबंधों की दमदार दरों के बल पर आएगा। डलास की इस कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2029 तक दो अरब का राजस्व हासिल करना है।

ब्लैक बॉक्स के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) संजीव वर्मा ने विशेष बातचीत में कहा कि मेटा, गूगल जैसे बड़े उद्यमों और अब ओपनएआई जैसी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस कंपनियों की डेटा स्टोर करने की मांग इतनी अधिक है कि दुनिया भर में बड़े डेटा सेंटर बनाने होंगे जिससे डिजिटल बुनियादी ढांचे के उत्पादों और सेवाओं की मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा, ‘इस रफ्तार का वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के बाद से राजस्व पर सकारात्मक असर पड़ना चाहिए।’ चालू वित्त वर्ष के लिए कंपनी ने 5,925 करोड़ रुपये से 6,000 करोड़ रुपये तक के राजस्व का अनुमान जताया है।

गार्टनर के अनुसार वैश्विक स्तर पर आईटी क्षेत्र का खर्च साल 2025 में 5.7 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें से आईटी के बुनियादी ढांचे का खर्च 600 अरब डॉलर से 750 अरब डॉलर तक होने की उम्मीद है। इससे ब्लैक बॉक्स का कुल उपलब्ध बाजार लगभग 120 अरब डॉलर से 150 अरब डॉलर या 15 से 20 प्रतिशत हो जाएगा। वर्मा ने कहा कि यह कंपनी के लिए बढ़ोतरी के बड़े अवसर को बताता है।

वर्मा ने कहा कि एआई संचालित प्रारूप मांग को बढ़ावा दे रहे हैं, खास तौर पर एमेजॉन, मेटा, अल्फाबेट और माइक्रोसाफ्ट जैसे हाइपरस्केलर की मांग बढ़ रही है, जो इस साल डेटा सेंटरों और क्लाउड सेवाओं में 325 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश कर रही हैं। भारत में जीसीसी (वैश्विक क्षमता केंद्रों) की स्थापना कंपनी के लिए वृद्धि का एक और अवसर है।

First Published - February 19, 2025 | 11:48 PM IST

संबंधित पोस्ट