नए काम की कमजोर आवक और सुस्त उत्पादन के बीच भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि घटकर दिसंबर में 11 माह के निचले स्तर पर आ गई। मंगलवार को एसऐंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक कारोबारी धारणा गिरकर करीब साढ़े तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है।
एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) दिसंबर में गिरकर 58 पर आ गया, जो नवंबर में 59.8 था। इसके पहले जनवरी 2025 में सूचकांक 56.6 के निचले स्तर पर था। दिसंबर में सूचकांक की रीडिंग 50 से ऊपर बनी रही, जो गतिविधियों के प्रसार का संकेत है। 50 से नीचे रीडिंग संकुचन का संकेत देती है। समग्र आंकड़े लगातार 53वें महीने प्रसार के क्षेत्र में हैं। सर्वे में कहा गया है, ‘नए काम और उत्पादन में सुस्ती के कारण प्रसार की दर 11 माह में सबसे कम रही है। कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती से बचने की कवायद की।’
सर्वे में हिस्सा लेने वालों ने कहा कि सुस्ती की मुख्य वजह अन्य विकल्प मिलना और उनकी ओर से सस्ती कीमतों की पेशकश रही। बाजार में बढ़ी अनिश्चितता और विनिमय दर की गति को लेकर चिंता के कारण उद्योग की गतिविधियों पर असर पड़ा है। एसऐंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पॉवियाना डी लीमा ने कहा, ‘दिसंबर में भारत के सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर बना रहा है, लेकिन सर्वे के कुछ संकेतकों से 2025 के आखिर में थोड़ी सुस्ती नजर आई।’
सेवा फर्मों की भर्तियों में स्थिरता आई है। सर्वे में शामिल 96 प्रतिशत लोगों ने कहा कि नवंबर की तुलना में कर्मचारियों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है।