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Byju’s को अभी नहीं मिली क्लीन चिट, केंद्र सरकार ने जारी किया बयान

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कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "MCA ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसी रिपोर्ट्स तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक हैं। साथ ही जांच अभी जारी है।

Last Updated- June 27, 2024 | 7:00 AM IST
Byju's
Representative Image

Byju’s Crisis: कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) ने एडटेक कंपनी BYJU’S के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही पर एक अपडेट जारी किया है। मंत्रालय ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि कंपनी के खिलाफ कार्यवाही “अभी भी जारी है” और इस स्तर पर मामले में अभी तक अंतिम परिणाम नहीं निकाला गया है।

यह बयान मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि मंत्रालय की एक साल लंबी जांच में Byju’s में फंड डायवर्जन या वित्तीय हेरफेर जैसे वित्तीय धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं मिले।

मंत्रालय ने कहा कि Byju’s को वित्तीय धोखाधड़ी मामले में अभी राहत नहीं मिली है। साथ ही जानकारी दी कि जांच अभी भी जारी है और इस मामले पर किसी भी प्रकार का अंतिम बयान देना जल्दबाजी होगी।

मंत्रालय ने दिया था Byju’s की पुस्तकों की जांच का आदेश
पिछले साल, मंत्रालय ने एडटेक कंपनी BYJU’S में हुई कुछ घटनाओं को देखते हुए उसकी पुस्तकों की जांच का आदेश दिया था। इनमें वित्तीय बयानों को समय पर तैयार न कर पाना और एक ऑडिटर का इस्तीफा शामिल था।

MCA की जांच जारी
MCA ने अपने बयान में कहा, “MCA ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसी रिपोर्ट्स तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक हैं। कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत MCA द्वारा शुरू की गई कार्यवाही अभी भी जारी है और इस मामले में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।”

कब शुरू हुए Byju’s के बुरे दिन?
Byju’s, जो कभी एक प्रसिद्ध एडटेक स्टार्टअप था, ने बहुत तेजी से अपना विस्तार किया, लेकिन फिर कई चुनौतियों का सामना किया। महामारी के बाद छात्रों के फिजिकल क्लासरूम में लौटने और आकाश के अधिग्रहण ने Byju’s की वित्तीय स्थिति को प्रभावित किया। पिछले साल के दौरान, कंपनी को और भी झटके लगे। एक तो कंपनी के ऑडिटर ने इस्तीफा दे दिया, लेनदारों ने एक होल्डिंग कंपनी के खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही शुरू की, और एक अमेरिकी मुकदमे में ऋण की शर्तों और पुनर्भुगतान स्थितियों को चुनौती दी गई। बता दें कि अब Byju’s पर भारत और विदेश में कई दिवालिया मामले चल रहे हैं।

यह भी पढ़ें: भारत में स्टार्टअप फंडिंग: लेट-स्टेज पर बढ़ रहा है दांव, IPO की ओर बढ़ रहे हैं स्टार्टअप

मंगलवार (25 जून) को प्रोसस नाम की कंपनी ने कहा कि उसने Byju’s में अपने 9.6% हिस्से की कीमत शून्य कर दी है। उनका कहना है कि निवेशकों के लिए Byju’s की कीमत बहुत कम हो गई है। इससे पता चलता है कि Byju’s की आर्थिक हालत बहुत खराब है। अब बहुत से निवेशक Byju’s की कीमत लगभग शून्य मान रहे हैं।

प्रोसस ने Byju’s में करीब 500 मिलियन डॉलर लगाए थे। यह भारतीय स्टार्टअप में उनका एक बड़ा निवेश था। प्रोसस ने स्विगी, मीशो और Eruditus जैसी दूसरी भारतीय कंपनियों में भी पैसा लगाया है।

पिछले कुछ सालों में, प्रोसस जैसी कंपनियों ने Byju’s की कीमत कम कर दी है। हाल ही में, Byju’s ने 200 मिलियन डॉलर के लिए अपने शेयर बेचे। इसमें कंपनी की कीमत सिर्फ 225 मिलियन डॉलर आंकी गई। यह उसकी सबसे ऊंची कीमत 22 अरब डॉलर से 99% कम है। फोर्ब्स की 2024 की अरबपतियों की लिस्ट के अनुसार, संस्थापक Byju’s रवींद्रन की संपत्ति अब शून्य हो गई है।

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First Published - June 27, 2024 | 7:00 AM IST

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