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बीपीसीएल ने वित्त वर्ष 2021 के लिए पूंजीगत व्यय घटाया

Last Updated- December 15, 2022 | 8:10 PM IST

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) ने परियोजना गतिविधियों में कमी और कम लाभप्रदता के मद्देनजर अपने पूंजीगत व्यय में कमी की है। कंपनी अब चालू वित्त वर्ष में पूंजीगत व्यय के रूप में लगभग 20 प्रतिशत कम निवेश करेगी। बीपीसीएल ने वित्त वर्ष 2019-20 में पूंजीगत व्यय के रूप में लगभग 11,000 करोड़ रुपये खर्च किए।
बीपीसीएल के निदेशक (वित्त) एन विजयगोपाल ने कहा, चूंकि देश में लॉकडाउन चल रहा था, इसलिए हमने अप्रैल और मई में ज्यादा खर्च नहीं किया है। हम वित्त वर्ष 2021 के लिए लगभग 8,000-8,500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रति वर्ष 10,000-11,000 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के रूप में खर्च करती है।
विजयगोपाल ने बताया कि पिछले दो महीनों से परियोजना (निर्माण) कार्य जारी रखना मुश्किल है। जिससे बदले में योजनागत पूंजीगत व्यय भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा, हम इसे (पूंजीगत व्यय) कम करने के लिए मजबूर थे क्योंकि दो महीने तक कोई परियोजना संबंधी गतिविधि नहीं हुई और हमें नहीं पता कि यह सामान्य कब होगा। हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, परियोजना गतिविधियों ने हमारे रिफाइनरी और अन्य गतिविधियों को चलाने के तरीके को नहीं बदला।
उन्होंने बताया कि मार्च तिमाही में बीपीसीएल को हुए नुकसान के कारण कंपनी की विस्तार योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा, अर्थव्यवस्था की गति धीमी होने और देश में लॉकडाउन होने से इस साल परियोजनाओं की गतिविधियां कम होंगी। हमारी लाभप्रदता खराब होने के कारण, हमने 150 करोड़ रुपये तक की छोटी छोटी परियोजनाओं पर व्यय में तेजी नहीं लाने का भी निर्णय लिया है। हम केवल जरूरी छोटी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।
मार्च 2020 की तिमाही में, बीपीसीएल ने 1,819.56 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया जबकि एक साल पहले समान अवधि में कंपनी को 3,131.66 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। उन्होंने बताया कि विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण हुई हानि से भी कंपनी को घाटा हुआ।
हालांकि, बीपीसीएल की पूंजीगत व्यय योजनाएं की अक्टूबर में समीक्षा होगी और कंपनी परियोजना विकास लागतों को कम करने पर भी विचार करेगी। अधिकारी ने कहा, हम अक्टूबर में एक समीक्षा करेंगे।

First Published - June 4, 2020 | 11:44 PM IST

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