facebookmetapixel
Advertisement
‘मेक इन इंडिया’ से ‘ग्लोबल बाजारों तक’: नए FDI नियमों से 1.8 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग MSME के लिए खुलेंगे नए दरवाजें RBI ने टाटा संस को अपर लेयर एनबीएफसी की लिस्ट में बरकरार रखा, लिस्टिंग पर अभी भी बना सस्पेंसLIC Q1FY27 Results: प्रीमियम इनकम में उछाल से 23% बढ़ा मुनाफा, कमाए ₹2,37,848 करोड़Cabinet Decision: असम में हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट, ₹8,970 करोड़ की लागत वाले गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर को हरी झंडीCabinet Decision: ₹23,731 करोड़ की ‘गोबरधन’ योजना को हरी झंडी, बायोगैस उत्पादन को मिलेगा बढ़ावालखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी पर 2 साल का प्रतिबंध, 3 अधिकारी निलंबितPNB हाउसिंग फाइनेंस पर ब्रोकरेज बुलिश, Q1 नतीजों के बाद शेयर में तेजी, ब्रोकरेज ने दिया ₹1,390 तक का टारगेटRBI पॉलिसी से बॉन्ड मार्केट को मिला सहारा, Debt Funds में निवेशक कहां लगा सकते हैं दांव?AI के दौर में छोटी कंपनियां बनेंगी रोजगार का बड़ा जरिया: नंदन नीलेकणिभारत में गूगल के 15 अरब डॉलर के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट पर मंडराया पर्यावरण का खतरा

Google Maps छोड़ ओला मैप्स से जुड़ें: भवीश

Advertisement

Ola Maps का एक साल फ्री ट्रायल और 100 करोड़ रुपये के फ्री क्रेडिट के साथ आकर्षित करने की कोशिश

Last Updated- July 08, 2024 | 10:18 PM IST
भारत में OLA का बोलबाला, Uber काफी पीछे, Uber way behind Ola in India: Bhavish Aggarwal responds to Khosrowshahi

ओला के संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी भवीश अग्रवाल डेवलपरों को गूगल मैप्स से नाता तोड़ने और ओला मैप्स का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। कंपनी डेवलपरों को अपने कृत्रिम क्लाउड पर ओला मैप्स एक साल तक मुफ्त इस्तेमाल करने दे रही है। वह 100 करोड़ रुपये से ज्यादा फ्री क्रेडिट भी मुहैया करा रही है।

कंपनी ने गूगल मैप्स का इस्तेमाल बंद कर अपना ओला मैप्स अपनाना शुरू किया है। इससे करीब 100 करोड़ रुपये की सालाना बड़ी बचत होगी। अग्रवाल ने हाल में कंपनी का वर्कलोड प्रौद्योगिकी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म एजर से हटाकर अपने कृत्रिम क्लाउड पर स्थानांतरित किया है।

अग्रवाल ने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, ‘एजर से बाहर होने के बाद भारतीय डेवलपरों के लिए यह समय गूगल मैप्स से बाहर निकलने का है। हम ओला मैप्स पर सभी डेवलपरों को 1 वर्ष तक फ्री एक्सेस और 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के फ्री क्रेडिट दे रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘हम लंबे समय से भारत का मैप बनाने के लिए पश्चिमी ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और वे हमारी विशिष्ट चुनौतियों को नहीं समझते हैं। जैसे सड़कों के नाम, शहरी परिवर्तन, चुनौतीपूर्ण ट्रैफिक, बिना मानक वाली सड़कें आदि। ओला मैप्स एआई-संचालित भारत-केंद्रित एल्गोरिदम, करोड़ों वाहनों के रियल-टाइम डेटा, ओपन सोर्स का लाभ उठाने और बड़े पैमाने पर योगदान देने के साथ इन समस्याओं का समाधान करता है।’

ओला ने कहा कि वह सिर्फ आज के लिए मैप नहीं बना रही है, बल्कि कल के मोबिलिटी इनोवेशन के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार कर रही है। स्वचालित वाहनों से लेकर उड़ने वाली टैक्सियों और ड्रोन तक, मोबिलिटी के भविष्य में ऐसे मैप की मांग बढ़ेगी।

Advertisement
First Published - July 8, 2024 | 10:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement