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प्रौद्योगिकी उद्योग में काम का तरीका खराब

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Last Updated- March 01, 2023 | 11:35 PM IST
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विप्रो के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने आज कहा कि काम-काज के मॉडल के लिहाज से प्रौद्योगिकी उद्योग सबसे खराब उद्योगों में से एक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कर्मचारियों को कार्यस्थल के बेहतर संबंधों के लिए कार्यालयों में वापस आना शुरू कर देना चाहिए।

नैसकॉम के टेक्नोलॉजी ऐंड लीडरशिप फोरम 2023 को संबोधित करते हुए प्रेमजी ने कहा कि रिमोट वर्किंग को तीन साल पूर्व पहली बार लागू किया जा सका था, क्योंकि आभासी रूप में जाने से पहले लोग एक-दूसरे को जानते थे। आईटी सेवा उद्योग में पिछले कुछ साल में बड़ी संख्या में नौकरी छोड़कर जाने के साथ ही भारी संख्या में लोगों को जोड़ा है, इसलिए 60 प्रतिशत तक कार्यबल नया है।

उन्होंने कहा कि हम जिस तरह काम करते हैं, उसके मॉडल के लिहाज से प्रौद्योगिकी उद्योग सबसे खराब उद्योगों में से एक है। हमारा एकमात्र ऐसा उद्योग है, जो इतने विशिष्ट रूप से काम कर रहा है। काम का भविष्य हाइब्रिड है, जिसका मतलब है कि लोगों को घर से काम करने की छूट होनी चाहिए, लेकिन लोगों को संगठनों में भी आना चाहिए। हालांकि प्रेमजी के अनुसार हाइब्रिड मॉडल कंपनियों को नई प्रतिभा तक पहुंचने में मदद कर रहा था।

भारतीय आईटी कंपनियों को महामारी से पहले वाले दौर के वर्क-फ्रॉम-ऑफिस मॉडल को फिर से स्थापित करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विप्रो और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने अक्टूबर 2022 में अपने कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम तीन दिन कार्यालय लौटने के लिए कहा था।

इन्फोसिस ने कर्मचारियों को कार्यालयों में वापस लाने के लिए तीन चरण वाली योजना की घोषणा की है। एचसीएल टेक भी सप्ताह में कम से कम तीन बार कार्यालय में बुलाने के लिए कर्मचारियों को प्रोत्साहित कर रही है।

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First Published - March 1, 2023 | 10:58 PM IST

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